Search KhabarFast

Press ESC to close

बांग्लादेश में सिकुड़ रही हिन्दू आबादी...8% पर सिमटी जनसंख्या, मुस्लिम बहुमत में दिखी तेजी

बांग्लादेश में सिकुड़ रही हिन्दू आबादी...8% पर सिमटी जनसंख्या, मुस्लिम बहुमत में दिखी तेजी

Hindu Population in Bangladesh: बांग्लादेश इस समय एक बड़े संकट से जूझ रहा है। जुलाई 2024के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शुमार शरीफ उस्मान हादी की मौत ने पूरे देश में तनाव पैदा कर दिया है। ढाका सहित कई शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसक झड़पें हुईं। इस बीच, 27वर्षीय बांग्लादेशी हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बेरहमी से हत्या की गई थी। जिसके बाद से बवाल और ज्यादा बढ़ गया। तो वहीं, इन दिनों बांग्लादेश अल्पसंख्यक समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर चर्चा में है।

दरअसल, हाल के सालों में, विशेष रूप से 2024में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद, हिंदू समुदाय पर हमलों की खबरें बढ़ी हैं, जिससे उनकी जनसंख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सरकारी आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, हिंदू आबादी अब कुल जनसंख्या का मात्र 8प्रतिशत के करीब रह गई है, जबकि मुस्लिम आबादी 85प्रतिशत से बढ़कर 92प्रतिशत तक पहुंच गई है।

हिंदुओं की घटती जनसंख्या

बांग्लादेश की 2022की जनगणना के अनुसार, देश की कुल आबादी 16.5करोड़ है, जिसमें हिंदू समुदाय के सदस्य लगभग 1.31करोड़ हैं, जो कुल का 7.95प्रतिशत है। मुस्लिम आबादी 91प्रतिशत से अधिक है। यह आंकड़ा 2011की जनगणना से कम है, जब हिंदू 8.54प्रतिशत थे। ऐतिहासिक रूप से देखें तो, 1941में पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) में हिंदू आबादी 28प्रतिशत थी, जो 1951में घटकर 22प्रतिशत, 1974में 13.5प्रतिशत और 2001में 9.6प्रतिशत हो गई। इस गिरावट का मुख्य कारण पलायन माना जाता है, जहां लाखों हिंदू परिवार भारत या अन्य देशों की ओर रुख कर चुके हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वर्तमान रुझान जारी रहा, तो 2050तक हिंदू आबादी 7.3प्रतिशत तक सिमट सकती है।

2024में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद, हिंदू समुदाय पर हमलों में वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त 2024से, 45से ज्यादा जिलों में हिंदू मंदिरों, घरों और व्यवसायों पर हमले हुए, जिसमें एक स्कूल शिक्षक की मौत और कई लोग घायल हुए। इन हमलों को अक्सर अवामी लीग से जुड़े होने के आरोपों से जोड़ा गया, जो राजनीतिक बदले की भावना से उपजे थे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इन घटनाओं को हिंदुओं की जान-माल की सुरक्षा पर सवाल के रूप में देखा है।

1971में हिंदुओं को बनाया गया निशाना

लेकिन यह कोई नई बात नहीं है। 1971के मुक्ति संग्राम के दौरान, पाकिस्तानी सेना और स्थानीय मिलिशिया द्वारा हिंदुओं को निशाना बनाया गया, जिसमें लाखों लोगों की मौत हुई और करोड़ों लोग भारत भागे। उसके बाद 2001के चुनावों में, 2013के युद्ध अपराध ट्रायल्स के दौरान और 2021के दुर्गा पूजा उत्सवों में भी हिंसा हुई, जिसमें मंदिरों पर हमले, बलात्कार और जबरन धर्मांतरण के मामले सामने आए। 2017में बांग्लादेश जोनो हिंदू महाजोट (बीजेएचएम) की रिपोर्ट के अनुसार, 107हिंदू मारे गए, 31लापता हुए, और 235मंदिरों को नुकसान पहुंचा। 2019और 2020में भी सोशल मीडिया अफवाहों के आधार पर हमले हुए।

विशेषज्ञों की मानें तो इस गिरावट के पीछे धार्मिक भेदभाव, राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक दबाव प्रमुख हैं। हिंदुओं को अक्सर 'भारतीय जासूस' के रूप में देखा जाता है, जो उनके खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देता है। इस वजह से 1964 से 2013 तक 1.13 करोड़ हिंदू देश छोड़ चुके हैं। सरकारी नौकरियों में उनका प्रतिनिधित्व 9-14 प्रतिशत है, लेकिन कुल आबादी के अनुपात में कम। यह स्थिति अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करती है, क्योंकि कई हिंदू व्यापारी और किसान पलायन कर रहे हैं।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

Houthi Attack: सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला, 12 लोगों की मौत और 300 से ज्यादा घायल

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को मिसाइल हमला हुआ। इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से लोग घायल हो गए। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

नेपाल में बाढ़ का कहर! 35 मकान बहे, कई पुल तबाह, लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू जारी

Flood In Nepal:नेपाल में एक बार फिर बाढ़ ने तबाही मचाई है। भारी बारिश और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की खबर है। बाढ़ के पानी ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 35 मकान बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जबकि कई पुल बहने से आवागमन भी प्रभावित

दो शक्तिशाली भूकंप से हिली पनामा की धरती, 7.7 और 6.6 रही तीव्रता; 9 देशों में सुनामी का अलर्ट जारी

Panama Earthquake: कल बीते दिन 09 अक्टूबर 2026 शुक्रवार रात को मध्य अमेरिकी देश के पनामा में दो बड़े भूकंप दर्ज किए गए। पहला भूकंप 7.7 तीव्रता का आया और दूसरा 6.6 का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने X पर साझा की गई एक पोस्ट में बताया कि भूकंप 9 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार रात 11:26 बजे 10 किलोमीटर की गहराई पर आया।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast