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क्या अमेरिका-ईरान में बनेगी बात, ट्रंप ने तेहरान के सामने रखी 5 शर्तें; मिडिल ईस्ट में फिर बढेगी टेंशन?

क्या अमेरिका-ईरान में बनेगी बात, ट्रंप ने तेहरान के सामने रखी 5 शर्तें; मिडिल ईस्ट में फिर बढेगी टेंशन?

America-Iran Tension: अमेरिका-ईरान के बीच भले ही अभी युद्धविराम चल रहा हो लेकिन तनाव बरकरार है। इसलिए दोनों देशों के बीच आगे क्या होगा कह पाना मुश्किल है। एक बार फिर से अमेरिका ने ईरान के सामने शांति वार्ता के लिए पांच बड़ी शर्तें रख दी है।

ईरान की एक न्यूज एजेंसी के अनुसार अमेरिका ने युद्ध के दौरान ईरान को हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने से इनकार कर दिया है। इन शर्तों के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या पश्चिम एशिया एक बार फिर युद्ध में झुलसने वाला है।

ट्रंप ने ईरान के सामने रखीं शर्तें

अमेरिका की एक शर्त यह भी है कि ईरान ने 400 किलोग्राम एनरिच्ड उसे दे दें। वहीं, एक शर्त यह भी है कि परमाणु सुविधाओं का केवल एक ही सेट चालू रहे। अमेरिका ने ईरान की विदेश में जमा संपत्ति का 25 फीसदी हिस्सा भी जारी करने से इनकार कर दिया है। जिसमें यह भी कहा गया है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर तनाव खत्म करने का मुद्दा बातचीत के जरिए ही सुलझाना चाहिए।

अमेरिका की 5 शर्तें क्या-क्या

अमेरिका का युद्ध से हुए ईरान को नुकसान का मुआवजा देने से इनकार

400 किलोग्राम यूरेनियम की मांग करना

ईरान की परमाणु सुविधाओं पर प्रतिबंध लगाना

विदेश में फ्रीज ईरान की संपत्तियों को जारी करने से इनकार करना

लेबनान समेत सभी संघर्षों को रोकने को बातचीत पर निर्भर बनाना   

Also read: एमवी होंडियस क्रूज शिप में हंतावायरस का बढ़ रहा खतरा, नहीं बनी अभी तक वैक्सीन  

पाकिस्तान कर रहा मध्यस्थता

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का ऐलान 7 अप्रैल को हुआ था। वहीं, पाकिस्तान व्यापक राजनयिक समाधान के लिए दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के संवादों की निष्पक्षता और सटीकता को लेकर उसकी भूमिका पर चिंताएं सामने आई हैं।

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