UPI Payment MSR Rule: सरकार ने यूपीआई पेमेंट के लिए नय नियम मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर पेश कर दिया है। जिसके तहत 2000 रुपए से कम के पेमेंट करने पर एमडीआर जीरो रखा गया है, तो वहीं, पर्सन टू मर्चेंट पर 0.4 एमडीआर लगाया गया है।
सरकार की तरफ से साफ करहा गया है कि फ्लैट 5 रुपए से 300 रुपए तक चार्ज कहां-कहां लगाया गया है। इसके साथ ही सरकार ने बताया है कि एमडीआर के जरिए मिलने वाला रेवेन्यू का इस्तेमाल कहां किया जाएगा।
15 अक्टूबर से लागू होगा एमडीआर
मोदी सरकार ने भुगतान एंड सेटलमेंट एक्ट 2007 में संशोधन किया है। 14 सितंबर 2026 को इस फ्रेमवर्क के तहत नोटिफिकेशन जारी किया गया और मंगलवार को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने इसे लेकर सर्कुलर भी जारी कर दिया। सर्कुलर में साफ कहा गया है कि यूपीआई भुगतान पर समान एमडीआर लागू नहीं होगा बल्कि सरकार ने इसे तमाम कैटेगरी में बांटा है और उसी हिसाब से राहत दी है। इनमें कुछ को फ्लैट-रेट-मॉडल के तहत रखा गया है यानी पेमेंट एक फिक्स्ड एमडीआर लगेगा, जो 5 रुपए का होगा।
एमडीआर की रकम का कहां होगा इस्तेमाल
NPCI द्वारा जारी किए गए एमडीआर का 5 फीसदी हिस्सा एक डेवलपमेंट फंड में जाएगा। एमडीआर का हिस्सा जिस फंड में जाएगा, उसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर मजबूत बनाया जाएगा। इसके जरिए छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआई की स्वीकार्यता और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इसके अलावा बैंकिंग और फिनटेक इंडस्ट्री के सेफ्टी सिस्टम, सर्वर कैपेसिटी और साइबर फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगा।
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