Dharmendra Pradhan Reaches Parliament:शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने का धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे। संसद भवन पहुंचने पर धर्मेंद्र प्रधान का एनडीए सांसदों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद सभी सांसदों पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंदर ले गए।
बता दें कि सोमावर से संसद के मानसून संत्र का दूसरा हफ्ता है। प्रधान के इस्तीफे के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि संसद का सत्र सुचारू रूप से चलेगा लेकिन, सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसदों की नारेबाज भी संसद परिसर में देखने को मिला।
प्रधान के इस्तीफे के बाद भी विपक्ष का हंगामा
दरअलर जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और छात्रों के अलावा विपक्ष की मांग थी कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो। अंतत: 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद छात्रों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म कर दिया लेकिन, विपक्ष का संसद परिसर में हंगामा जारी है। दूसरी तरफ धर्मेंद्र प्रधान जब सोमवार यानी 27 जुलाई को संसद भवन पहुंचे तो एनडीए सांसदों ने उनका स्वागत किया। साथ ही उन्हें सम्मान के साथ अंदर ले गए। विशलेषकों का कहना है कि इस तरह का स्वागत करके एनडीए यह दिखाना चाहता है कि उनकी छवि खराब ना हो।
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इस्तीफे के बाद भाजपा नेताओं ने की मुलाकात
वहीं, जब धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के रूप में इस्तीफा दिया था, तब गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन पीयूष गोयल, जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह, निर्मला सीतारण, सीएम रेखा गुप्ता समेत तमाम वरिष्ठ नेता उनके घर जाकर मुलाकात की थी। भाजपा नेताओं ने उनके इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था लेकिन ये भी साफ किया था कि धर्मेंद्र प्रधान ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है। आपको बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के नाम लिखे पत्र में कहा था कि छात्रों के प्रदर्शन का राष्ट्र विरोधी फायदा न उठाए, इसलिए इस्तीफा देने का फैसला किया।