Delhi NCR Rain: दिल्ली-NCR में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। लंबे समय से जारी गर्मी और उमस के बीच सुबह-सुबह आसमान में बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ घंटों में कई इलाकों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मंगलवार को IMD ने लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
दिल्ली-हरियाणा में भारी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सुबह के समय बारिश का एक दौर दिल्ली और पूर्वी NCR से आगे बढ़ गया। इसके बाद कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली। हालांकि, दोपहर बाद दिल्ली-हरियाणा में भारी बारिश शुरू हो गई, जिससे शाम तक दिल्ली-NCR में दोबारा तेज बारिश और आंधी-तूफान का असर देखने को मिल सकता है। मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में बने गहरे दबाव वाले क्षेत्र की वजह से आया है। यह सिस्टम ओडिशा और पश्चिम बंगाल से होते हुए देश के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ा। इस मौसम प्रणाली ने समुद्र से नमी वाली हवाओं को खींचकर उत्तर भारत तक पहुंचाया, जिससे मानसून सक्रिय हो गया।
क्या कह रहें मौसम विशेषज्ञ?
इस सिस्टम के कारण मानसून ट्रफ भी मजबूत हुआ है। मानसून ट्रफ एक लंबा कम दबाव वाला क्षेत्र होता है, जो बारिश के मौसम में उत्तर भारत के ऊपर बना रहता है। जब यह दिल्ली के आसपास सक्रिय होता है तो हवा ऊपर उठती है, बादल बनते हैं और बारिश होती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में दिल्ली में मानसूनी बारिश का तरीका बदला है। अब लगातार कई घंटे हल्की बारिश के बजाय कम समय में तेज बारिश और गरज-चमक वाले तूफान ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। इसमें शहर का बढ़ता तापमान और शहरीकरण भी एक कारण माना जाता है।
दिल्ली को मिली उमस से राहत
बारिश के कारण दिल्ली का तापमान भी नीचे आने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिन का अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जो हाल की 38 डिग्री तक पहुंची गर्मी से कम है। IMD ने बुधवार के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-NCR में गुरुवार और सप्ताहांत तक बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे जुलाई में हुई बारिश की कमी को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
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