Uttarpradesh News: अभी के भागम-भाग भरी जिंदगी में लोग इतने व्यसत हैं कि अपनों को भूल जा रहे हैं। पैसा कमाने की ललक और बेहतर लाइफस्टाइल बनाने की चाहत के लिए ना जानें इंसान कहां तक जाता है।
इसमें कोई दो राय नहीं कि पैसा वक्त की जरूरत है लेकिन, वो पैसा किस काम का जो अपनों के काम न आए। नोएडा से जो कहानी आई, वो आपको सोचन पर मजबूर कर देगी...आप भी सुनकर भावुक हो जाएंगे।
फ्लैट में मिला शव
परिवार में अकेलापन और बेबसी को बयां करने वाली कहनी नोएडा की आम्रपाली सोसाइटी से आई है। जहां 68 साल के बुजुर्ग की जान चली गई। शेयर ट्रेडिंग का कारोबार करने वाले राजीव अरोड़ा का शव उनके फ्लैट में तीन दिनों से थी लेकिन, हैरानी की बात ये रही कि उनकी परिवार वालों को भनक तक नहीं लगी। जब बदबू आने लगी तो पड़ोसियों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
परिवार वालों ने नहीं ली कोई सुध
पुलिस जब अंदर गई तो अंधेरा छाया हुआ था और अरोड़ा की लाश सोफे पर थी। पुलिस ने उनकी पत्नी को बुलाया और घटना के बारे में बताया। बताया जा रहा है कि राजीव अरोड़ा की जान हार्ट अटैक या ब्रेन हैमरेज की वजह से गई है। फ्लैट का किराया और बिजली का बिल भी वह नहीं चुका पा रहे थे। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि परिजन ने फोन करके उनकी सुध लेने की कोशिश क्यों नहीं की।
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बेटा-बेटी रहते हैं विदेश
पुलिस के अनुसार, अभी तक की जांच में सामने आया है कि राजीव अरोड़ा अपनी पत्नी से वर्षों पहले अलग हो गए थे। उनकी पत्नी नोएडा के सेक्टर 128 में रहती हैं। राजीव अरोड़ा का बेटा लंदन में इजीनियर है। वहीं, बेटी इंडोनेशिया के बाली द्वीप में रहती है। दोनों की शादी भी हो चुकी है।