Vande Mataram Controversy: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के पाठ को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खिलाफ कर्नाटक के उर्वा पुलिस स्टेशन में रविवार को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। बीजेपी नेताओं ने कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम को राष्ट्रीय गीत के प्रति कथित अनादर से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है।
कार्यक्रम के वीडियो से शुरू हुआ विवाद
विवाद उस समय शुरू हुआ, जब कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के पाठ के वीडियो सामने आए। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राष्ट्रीय गीत के दौरान कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता आपस में बातचीत करते नजर आए। बीजेपी ने इसे राष्ट्रीय गीत का अपमान बताया है।
मनोज तिवारी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान उनकी असहजता से कांग्रेस का रवैया साफ दिखाई देता है। मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् का पूरा संस्करण बजने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने असहजता दिखाई और कैमरे में घटना रिकॉर्ड होने के बाद सफाई देने की कोशिश की।
शाहनवाज हुसैन और कपिल मिश्रा का भी हमला
बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने भी विवाद को लेकर कांग्रेस नेताओं की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के दौरान नेताओं का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण था। दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी कांग्रेस नेताओं पर जानबूझकर राष्ट्रीय गीत का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद सोनिया गांधी, राहुल गांधी, खरगे और अन्य नेताओं का व्यवहार कथित तौर पर अनादर की ओर इशारा करता है।
कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि सोनिया गांधी की गतिविधि का वंदे मातरम् के प्रति किसी तरह के अनादर से कोई संबंध नहीं था। कांग्रेस के मुताबिक, सोनिया गांधी कार्यक्रम में वंदे मातरम् का पाठ सही तरीके से और उचित व्यवस्था के साथ हो, यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं। फिलहाल शिकायत के बाद पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। वहीं, इस विवाद ने स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है।