Uttarakhand News: उत्तराखंड की माटी ने हमेशा ऐसे शूरवीरों और कर्मवीरों को जन्म दिया है, जो निस्वार्थ भाव से समाज और देश की सेवा करते हैं। इसी कड़ी में दो दिन पहले लैंसडाउन स्थित प्रतिष्ठित गढ़वाल रेजीमेंटल सेंटर के सभागार में एक ऐसा ऐतिहासिक समझौता हुआ है, जो हर उत्तराखंडवासी का सीना गर्व से चौड़ा कर देगा। सेंटर कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद नेगी जी और सीआईएमएस (CIMS) के चेयरमैन, समाज के सच्चे सिपाही श्री ललित जोशी जी के बीच एक बेहद अहम एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस ऐतिहासिक करार के तहत, अब हमारे वीर शहीद सैनिकों के आश्रितों को शिक्षा में 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफ की जाएगी! इसके साथ ही वीरंगनाओं और सैनिकों के परिजनों को भी सीआईएमएस और यूआईएचएमटी (UIHMT) में पैरामेडिकल व अन्य 30 से अधिक कोर्सेज की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस में 40 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की भारी छूट मिलेगी। यह पुनीत कार्य कोरोना काल में शुरू किए गए उनके अद्भुत 'सुपर-300' अभियान के तहत किया जा रहा है।
विपरीत परिस्थितियों से लड़कर शिखर तक का सफर
ललित जोशी जी की सफलता की यह कहानी किसी प्रेरणादायक परीकथा से कम नहीं है। पहाड़ के बागेश्वर जिले के एक बहुत ही छोटे से गांव से निकलकर, भीषण गरीबी और अभावों से लड़ते हुए इस युवा ने अपनी अथक मेहनत, जुझारूपन, दूरदर्शी सोच और कुशल प्रबंधन के माध्यम से उच्च शिक्षा व पैरामेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया है, वह अद्भुत है। एक गरीब युवक से अपनी प्रतिभा के दम पर सफलता के शिखर तक पहुंचने के बावजूद, ललित जी अपनी जड़ों से पूरी मजबूती से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि पहाड़ के वंचित, जरूरतमंद और प्रतिभावान गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा देने के लिए उन्होंने 'सुपर-300' की शुरुआत की है, ताकि कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में दम न तोड़े।
'सजग इंडिया': नशे के खिलाफ एक भगीरथ प्रयास
चेयरमैन ललित जी केवल पहाड़ के बच्चों को उच्च व पैरामेडिकल की शिक्षा ही नहीं प्रदान कर रहे हैं, बल्कि 'सजग इंडिया' के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने का महाभियान भी चला रहे हैं। पिछले 15 वर्षों से चल रहे इस अभियान के तहत उन्होंने प्रदेश भर के एक हजार से भी अधिक स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों से सीधा संवाद किया है और उन्हें नशे से दूर रहने की नसीहत दी है। उन्होंने नशे की गिरफ्त में आ चुके कई ग्रामीण बच्चों को अपने संस्थान में प्रवेश देकर उनके जीवन को एक नई दिशा दी है। इनमें उत्तराखंड और देश की प्रख्यात एथलीट मानसी नेगी के भाई गौरव नेगी का नाम भी शामिल है, जो आज मुख्यधारा में लौटकर एक बेहतर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।
समाज के सामर्थ्यवान लोगों के लिए एक मिसाल
हम अक्सर हर विकास और सुधार के लिए सिर्फ सरकार की तरफ देखते हैं, लेकिन सच यह है कि विकास की जिम्मेदारी अकेले सरकार की नहीं हो सकती। यदि ललित जोशी जी जैसे सामर्थ्यवान और संवेदनशील लोग इसी तरह आगे आएं और हाशिए पर छूट गए लोगों की ओर अपना हाथ बढ़ाएं, तो निश्चित तौर पर हमारा प्रदेश और देश विकास की राह पर सरपट दौड़ेगा। बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए जी-जान से जुटे, पहाड़ के इस लाल के इस नायाब और अभिनव प्रयास को एक बार फिर मेरा भव्य सैल्यूट!