शेयर बाजार में फिर हुई जोरदार गिरावट, तीन दिन में डूबे 15 लाख करोड़

stock market crash: डोनाल्ड ट्रंप के लगातार टैरिफ अटैक के चलते दुनियाभर के शेयर बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन भी एशियाई बाजार ओपनिंग के साथ ही धड़ाम नजर आए, जिससे भारतीय शेयर बाजार के लिए निगेटिव सिग्नल मिल रहे थे। हालांकि, सेंसेक्स-निफ्टी ने बुधवार को सुस्त शुरुआत की, लेकिन फिर घंटेभर बाद ये सुस्ती बड़ी गिरावट में तब्दील हो गई। BSE Sensex दिन के हाई लेवल एक झटके में करीब 1100 अंक तक टूट गया। दूसरी ओर NSE Nifty में भी तगड़ी गिरावट आई. हालांकि, इस लेवल तक गिरने के बाद इंडेक्स में रिकवरी भी देखने को मिली है।
सेंसेक्स-निफ्टी फिर हुए धड़ाम
शेयर बाजार के क्रैश होने का सिलसिला लगातार तीन कारोबारी दिनों से जारी है। मंगलवार का दिन स्टॉक मार्केट इन्वेस्टर्स के लिए अमंगल साबित हुआ था, तो बुधवार को भी हालात जस के तस नजर आए। शुरुआत का मामूली उतार-चढ़ाव देखते ही देखते बड़ी गिरावट में तब्दील हो गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,180 की तुलना में फिसलकर 81,794 पर खुला और फिर शुरुआत में 82,282 तक चढ़ गया, लेकिन इस स्तर से एक झटके में Sensex गिरकर 81,124 के लेवल पर आ गया। सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी नजर आया और दिन के हाई लेवल से 358 अंक तक टूट गया। Nifty-50 अपने पिछले बंद 25,232 के मुकाबले फिसलकर 25,141 के लेवल पर ओपन हुआ था और फिर 25,277 का लेवल छूने के बाद टूटकर 24,919 के स्तर पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया।
तीन दिनों में 15 लाख करोड़ से ज्यादा स्वाहा
निवेशकों को झटके पर झटका बाजार में लगातार गिरावट की वजह से शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स को एक के बाद एक झटका लग रहा है। हर रोज उनकी गाढ़ी कमाई डूब रही है. महज तीन कारोबारी दिनों की बाजार टूटने से निवेशकों के करीब 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा हो गए। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 465.68 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था, जो मंगलवार को गिरकर 455.72 लाख करोड़ रुपये रह गया, मतलब एक ही दिन में 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा गिर गया। वहीं बुधवार को इसमें फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिली है और ये खबर लिखे जाने तक 4.53 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।
बाजार बिखरने के ये कारण
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि ट्रंप की ग्रीनलैंड पॉलिसी, 8 यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले टैरिफ की धमकी और यूरोप के ट्रंप विरोधी रुख में सख्ती आने के कारण वैश्विक बाजार दबाव में नजर आ रहे हैं। अगर ट्रंप के प्रस्तावित टैरिफ लागू होते हैं, तो यूरोप जवाबी कार्रवाई करेगा और इससे व्यापार युद्ध छिड़ जाएगा, जिसके वैश्विक व्यापार और वैश्विक विकास पर गंभीर परिणाम होंगे। इस डर का सीधा असर न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर के बाजारों पर दिख रहा है।
Leave a comment