Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने 40 साल पुराने हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 1986 में अपनी पत्नी की हत्या कर फरार हुए 82 वर्षीय आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान चंद्रशेखर प्रसाद के रूप में हुई है, जो बिहार के नालंदा का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को बाहरी उत्तरी दिल्ली के नांगली पूना इलाके में एक फैक्ट्री के गोदाम से गिरफ्तार किया गया, जहां वह फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। यह मामला 19 अक्टूबर 1986 का है, जब प्रसाद ने पूर्वी दिल्ली के शकरपुर स्थित अपने घर में अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी।
क्या थी हत्या की वजह?
बताया गया कि आरोपी को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था, जिसके चलते दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। घटना वाले दिन गुस्से में आकर उसने पत्नी की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। फरार होने से पहले उसने एक घरेलू सहायिका को बंदूक दिखाकर बंधक भी बना लिया था। इस मामले में शकरपुर थाने में हत्या और साझा मंशा की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचते रहने के कारण 1987 में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
पुलिस को क्यों लगा इतना समय
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उस समय डिजिटल रिकॉर्ड, फोटो या मोबाइल डेटा जैसी सुविधाएं नहीं थीं, जिससे आरोपी का पता लगाना बेहद मुश्किल हो गया था। यही कारण रहा कि यह मामला करीब चार दशक तक अनसुलझा रहा। हाल ही में अपराध शाखा की टीम ने पुराने मामलों की जांच दोबारा शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में सुराग मिले। पता चला कि उसके परिवार के कुछ सदस्य दिल्ली और बिहार में रहते हैं, जिनकी मदद से पुलिस ने तकनीकी निगरानी शुरू की।
अलीपुर से आरोपी हुआ गिरफ्तार
सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और आखिरकार 22 अप्रैल को उसे अलीपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। पुलिस ने बताया कि फरारी के दौरान वह लगातार जगह बदलता रहा और बिहार, पंजाब, हरियाणा व दिल्ली में छिपकर रहा। अब इतने साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।
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