Telegram Return: मैसेजिंग ऐप Telegram अब एक बार फिर भारत में Apple App Store और Google Play Store पर उपलब्ध हो गया है। कुछ समय के लिए ऐप को स्टोर से हटाया गया था। यह कार्रवाई भारत सरकार के निर्देशों के बाद हुई थी, जिसमें NEET-UG दोबारा परीक्षा के पेपर लीक को रोकने के लिए कदम उठाए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, Telegram को करीब 16 जून के आसपास ऐप स्टोर से हटाया गया था और बाद में 23 जून को दोबारा बहाल कर दिया गया। अब यह ऐप यूजर्स के लिए फिर से उपलब्ध है।
NEET-UG परीक्षा लीक मामला
सरकार ने यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A के तहत उठाया था। इस कानून के तहत सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और देश की संप्रभुता से जुड़े मामलों में ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक करने का अधिकार है। मामला उस समय सामने आया जब अधिकारियों को आशंका थी कि Telegram के कुछ चैनलों का इस्तेमाल NEET-UG री-एग्जाम के कथित लीक प्रश्नपत्रों को साझा करने के लिए किया जा रहा है। NEET देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, इसलिए सरकार ने इसे गंभीरता से लिया।
नेटवर्क स्तर पर भी रुकावटें
सिर्फ ऐप स्टोर से हटाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही। कुछ जगहों पर नेटवर्क स्तर पर भी रुकावटें देखी गईं, जिससे जिन लोगों के फोन में पहले से Telegram मौजूद था, उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ा। NEET-UG की दोबारा परीक्षा 22 जून तक पूरी हो गई थी। इसके बाद 23 जून को Google Play Store पर Telegram की वापसी हुई और इसके बाद Apple App Store पर भी इसे बहाल कर दिया गया।
Telegram के हैं करोड़ों यूजर्स
Telegram दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में से एक है और इसके करोड़ों यूजर्स हैं। कंपनी का अपना ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म The Open Network (TON) भी है, जिसके जरिए Telegram क्रिप्टो और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी सक्रिय है। ऐसे में किसी भी देश में Telegram पर लंबी अवधि की रोक कंपनी के साथ-साथ TON से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी प्रभावित कर सकती है। यह पहली बार नहीं है जब Telegram को ऐप स्टोर से हटाया गया हो। इससे पहले 2018 में भी Apple ने कुछ समय के लिए ऐप को हटाया था।
ऐप की हुई वापसी
हालांकि, इस बार ऐप की वापसी करीब एक सप्ताह के अंदर हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामले डिजिटल प्लेटफॉर्म और सरकारों के बीच बढ़ते नियमों और नियंत्रण की बहस को दिखाते हैं। Telegram के लिए भारत एक बड़ा बाजार है, इसलिए लंबे समय तक प्रतिबंध कंपनी के यूजर बेस और डिजिटल सेवाओं पर असर डाल सकता था।
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