Sonam Wangchuk: नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन हुआ था। CJP के प्रदर्शन में शिक्षाविद सोनम वांगचुक भी शामिल हुए थे। उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ 25 दिन तक भूख हड़ताल की थी।
हालांकि, उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली की सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन, बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें गुरुग्राम के मेंदाता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सोनम वांगचुक का बड़ा खुलासा
अब सोनम वांगचुक ने एक मैगजिन को दिए इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने तमाम सारे सवालों का जवाब देते हुए ये भी बताया है कि वह क्यों धर्मंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे हट गए थे। इसके लिए उन्होंने 2 वजह बताई हैं।
सोनम वांगचुक ने इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया कि वह पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जिद्द छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि जब मैंने देखा कि कॉकरोच जनता पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है तो उन्होंने अन्य मांगों पर फोकस करना बेहतर समझा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्हें माहौल बिगड़ने की आशंका हो गई थी।
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मैं अन्य मांग पर फोकस किया-सोनम
सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार को इस्तीफे वाली मांग पर आपत्ति थी लेकिन, अन्य दो मांगों के लिए काफी लचीला रुख दिखाया। हालांकि, केस वापसी को लेकर मौखिक भरोसा दिया जा रहा था। लेकिन, वांगचुक के मुताबिक उन्होंने लिखित पर जोर दिया। वांगचुक ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी इस्तीफे की मांग पर काफी जोर दे रही थी। इसलिए मैंने उस तरफ ध्यान नहीं देना का फैसला किया, मैंने यह मांग रखी कि छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो।