Jharkhand Exam Irregularities Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय (JPSC CGL) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में पांच छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी आज झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में एक पदयात्रा निकालने वाले हैं।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बताया ‘आज दिशोम गुरु की पुण्यतिथि है। अपने प्रेरणास्रोत के पदचिन्हों पर चलते हुए हम आज यहां आए हैं। आज हमारे कुछ रचनात्मक कार्यक्रम हैं। हम दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक पदयात्रा निकालेंगे।‘उन्होंने आगे कहा ‘आज से हमारे पांच साथी भूख हड़ताल पर हैं। मुख्यमंत्री को कड़ा फैसला लेना चाहिए और हम सब उनके साथ हैं। हमारी लड़ाई मुख्यमंत्री से नहीं है। हमारी लड़ाई किसी पार्टी से नहीं है। हमारी लड़ाई उस भ्रष्ट व्यवस्था से है जिसने व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है। हम यह भी आश्वासन देते हैं कि हमारा मंच किसी भी राजनीतिक दल का मंच नहीं बनेगा।‘
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प्रदर्शनकारियों की मांग क्या है?
बता दें, रविवार से छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) रद्द करने और टीडीपीएल एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं की समीक्षा की मांग कर रहे हैं। इससे पहले सोमवार को, JMM नेता मनोज पांडे ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार किसी भी दोषी को नहीं बख्शेगी और राज्य की जांच एजेंसियों का समर्थन करते हुए कहा कि सीबीआई जैसी केंद्रीय संस्थाओं के बजाय उन्हें ही जांच करनी चाहिए।
उन्होंने कहा ‘सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, और हम इससे सहमत हैं। चाहे कोई व्यक्ति हो, अधिकारी हो या कर्मचारी, जो भी इस तरह की अनियमितताओं में शामिल है, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिसने भी यह किया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मैं आपको पूरे विश्वास के साथ आश्वस्त करता हूं।‘
JMM नेता ने क्या कहा?
JMM नेता मनोज पांडे ने आगे कहा ‘जहां तक केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच कराए जाने की मांग का सवाल है, जैसा कि हमारे विपक्षी दल के नेता मांग कर रहे हैं, सीबीआई पहले भी जांच कर चुकी है। NEET परीक्षा में क्या हुआ? हमारी राज्य की एजेंसी एक सक्षम एजेंसी है, जिसकी मंशा साफ है। हम छात्रों के लिए न्याय चाहते हैं। कम से कम छात्रों को अपने राज्य की एजेंसियों पर संदेह नहीं करना चाहिए। उन्हें न्याय मिलेगा। हेमंत सोरेन उन्हें न्याय दिलाएंगे, और झारखंड सरकार उन्हें न्याय दिलाएगी।‘ बता दें, JPSC पेपर लीक मामले में आपराधिक जांच विभाग (CID) ने 11 गिरफ्तारियां की हैं, जबकि जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांगटे ने इस्तीफा दे दिया है।