Supreme Court Hearing:सेंट्रल दिल्ली प्रदर्शन मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर किसी जगह पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि किसी जगह को हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते है, दूसरे प्रदर्शनकारी भी हैं।
सीजेआई ने कहा कि किसान कहां जाएंगे, वकील कहां जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी को विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्धारित जगहें एक निश्चित समयावधि के लिए होनी चाहिए और सभी को उसका पालन करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 20 जुलाई को केवल एक दिन प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी लेकिन, प्रदर्शनकारियों ने जगह खाली नहीं किया। कारोबारियों की तरफ से पेश हुए मुकुल रोहतगी ने कहा कि दुनिया के कुछ हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है। इस पर मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि यहां कोई हिंसा नहीं हुई है। विदेश की घटनाओं को यहां मत लाइए। इस पर सीजेआई ने कहा कि ये दो विरोधी दावे हैं। दुकानदार और रेहड़ी वाले कहां जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें प्रदर्शन के लिए ऐसी जगह की पहचान करनी होगी, जहां गरीब कारोबारियों की आजीविका प्रभावित ना हो।
केंद्र सरकार के खिलाफ नोटिस जारी
बता दें कि दिल्ली के व्यापारियों की संस्था किराना कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में त्योहारी सीजन में सेंट्रल में प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की गई है। व्यापारियों की तरफ से वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि धरना प्रदर्शन और रैली की वजह से 2 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।
Also read: 'देश में 3 करोड़ घुसपैठिये हैं, वोटर लिस्ट से हटाकर रहेंगे', अमित शाह का बड़ा ऐलान, राहुल गाँधी को दिया ऑफर