Wangchuk Pay Tribute To Mahatma Gandhi: मशहूर शिक्षाविद सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेंदाता अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। पेपर लीक के मुद्दे पर भूख हड़ताल पर बैठने के बाद उनकी सेहत बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया था।
वहीं, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोनम वांगचुके सीधे राजघाट पहुंचे। जहां उन्होंने महात्म गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सोनम वांगचुक ने बड़ा बयान दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि संवाद ही समाधान का रास्ता है।
क्या बोले सोनम वांगचुक
वांगचुक ने कहा कि बापू का अहिंसा का रास्ता सबसे प्रासंगिक है। लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब सरकार जनता की आवाज सुनें। उन्होंने कहा कि लाठियों और पत्थरों से ज्यादा ताकत जनता की आवाज में होती है। इसलिए शासकों को लोगों की बात सुननी चाहिए। वांगचुक ने कहा कि शांति और संवाद का रास्ता ही असरदार है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने दुनिया को दिखाया था कि बिना हिंसा के भी बदलाव आ सकते हैं। साथ वांगचुक ने डॉक्टरों और अस्पताल के स्टाफ का भी आभार जताया।
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भूड़ हड़ताल पर थे वांगचुक
बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून को जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे। अनशन के दौरान उनकी सेहत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे गई थी।