Scam In Haryana: हरियाणा में बड़ा फर्जीवाड़ा, कांग्रेस विधायक की कोठी कॉलोनी बताकर पास, दंडित करने के आदेश

Scam In Haryana: हरियाणा में बड़ा फर्जीवाड़ा, कांग्रेस विधायक की कोठी कॉलोनी बताकर पास, दंडित करने के आदेश

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हरियाणा में मिला बड़ा फर्जीवाड़ा

कांग्रेस विधायक की कोठी को कॉलोनी किया पास

लोकायुक्त ने जांच के बाद दिए दंडित करने के आदेश

पानीपत: पानीपत समालखा में हरियाणा सरकार की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है. समालखा कांग्रेसी विधायक धर्म सिंह छौक्कर की कोठी को कॉलोनी बताकर पास कर दिया गया. फर्जीवाडा सामने आने पर लोकायुक्त ने एसआईटी गठित कर तीन माह में दोषियों को दंडित करने के आदेश सरकार को किए हैं.  आदेशों में लोकायुक्त जस्टिस एन.के. अग्रवाल ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग निदेशालय के उच्चाधिकारी पानीपत के तत्कालीन डीसी और समालखा नगर पालिका के अधिकारी जैसे-तैसे कांग्रेसी विधायक की अवैध निर्मित कोठी को पास करने पर आमदा थे. लोकायुक्त जांच में फर्जीवाड़ा उजागर होने की रिपोर्ट मिलने के बावजूद साल 2018में बीजेपी शासन में कांग्रेसी विधायक धर्म सिंह छौक्कर की कोठी को कॉलोनी बताकर पास कर दिया गया.

RTI एक्टिविस्ट ने साल 2014में लोकायुक्त को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि कांग्रेसी विधायक धर्म सिंह छौक्कर ने न्यू दुर्गा कॉलोनी नामक अवैध कॉलोनी में बिना नक्शा पास कराए किलानुमा कोठी बना ली है. नगर पालिका में व्याप्त कई अन्य भ्रष्टाचारों के खिलाफ भी शिकायत की थी. लोकायुक्त के आदेश पर वर्ष 2015में की गई जांच में एसडीएम समालखा गौरव कुमार ने कपूर के सभी आरोपों को सही पाया था. जांच रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेसी विधायक की पौना एकड़ में बनी कोठी मूल रूप से 20एकड़ रकबा वाली अवैध कालोनी में स्थित है. जब न्यू दुर्गा कॉलोनी को पास करने का केस वर्ष 2013में सरकार ने रद्द कर दिया तो विधायक की कोठी को साईं एन्कलेव कॉलोनी का नाम देकर पास कराने का केस डीसी मार्फत सरकार को वर्ष 2014में भेज दिया गया, जबकि मौका पर कांग्रेसी विधायक की कोठी के इलावा कुछ भी नहीं था.

साल 2015में लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट मिलने के बावजूद वर्ष 2018में खट्टर सरकार ने कांग्रेसी विधायक की कोठी को कॉलोनी बताते हुए पास कर दिया. घोटाला बेनकाब होने पर लोकायुक्त ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग से केस फाइलें मांगी तो शहरी निकाय विभाग के डायरेक्टर और प्रधान सचिव ने शपथ पत्र देकर बताया कि मूल फाइल गुम हो गई है. इस पर लोकायुक्त जस्टिस एन. के. अग्रवाल ने अपने 7जुलाई के आदेश में कहा कि उपलब्ध तथ्यों से शीशे की तरह स्पष्ट है कि साल 2015में घोटाला बेनकाब करने वाली डीसी की जांच रिपोर्ट पर कोई कारवाई करने में शहरी स्थानीय निकाय के प्रधान सचिव, निदेशक, डीसी पानीपत और नगर पालिका समालखा के अधिकारियों की कोई रूचि नहीं थी.

लोकायुक्त ने सरकार को रिटायर्ड सैशन जज और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित करके तीन माह में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं. गौरतलब है कि जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर नगर पालिका समालखा के तत्कालीन सचिव श्याम सुंदर दुग्गल,  भवन निरीक्षक दलबीर सिंह,  प्रवेश कौशिश भवन निरीक्षक और जेई नवीन को निकाय विभाग ने चार्जशीट कर रखा है. फर्जीवाड़ा साबित होने पर आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने कांग्रेसी विधायक की अवैध निर्मित किलानुमा कोठी को तत्काल ध्वस्त करने व भ्रष्टाचार के दोषी सभी अधिकारियों को दंडित करने की मांग की है.

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