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क्या है चिटफंड घोटाला? जिसमें ED ने की राजस्थान के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के घर छापेमारी

क्या है चिटफंड घोटाला? जिसमें ED ने की राजस्थान के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के घर छापेमारी

PACL Scam: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल के दौरान मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास के घर पर ईडी ने 13अप्रैल की सुबह तोबड़तोड़ छापेमारी की। जयपुर स्थित सिविल लाइन्स आवास पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की। बताया जा रहा है कि जिस वक्त छापेमारी हो रही थी। उस वक्त खाचरियावास अपने आवास पर ही मौजूद थे। ईडी की रेड जैसे ही खाचरियावास के ठिकानों पर हुई। वैसे ही कांग्रेस के कार्यकर्ता उनसे मिलने उनके आवास पर पहुंच गए। उधर कांग्रेस नेताओं के बयान में सामने आने लगे। 

चिटफंड घोटाला के तहत ED की छापेमारी

खुद प्रताप सिंह खाचरियावास ने मीडिया के सामने आकर भाजपा पर जमकर ठिकरा फोड़ा। उन्होंने कहा कि हाल ही में राजस्थान में IIFA अवॉर्ड का आयोजन किया गया था। जिसमें 100करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप मैंने लगाया था। उसका बदला लेने के लिए भाजपा ईडी की छापेमारी करवा रही है। 

बताया जा रहा है कि ईडी ने यह छापेमारी एक चिटफंड घोटाला मामले में की है। जिसमें प्रताप सिंह खाचरियावास के नाम भी सामने आया था। प्रताप सिंह पर घोटला के जरिए 30करोड़ रुपए उगाही करने का आरोप है। आखिरकार क्या है वह चिटफंड घोटला, जिसमें खाचरियावाल के आवास पर ईडी ने छापेमारी की है।

क्या है चिटफंड घोटला?

दरअसल PACL एक बीमा कंपनी थी। सेबी के अनुसार कुल संपत्ति 1.86लाख करोड़ रुपए की है। राजस्थान के 28लाख लोगों ने 2850करोड़ रुपए निवेश किए थे। इस कंपनी में गड़बड़ी की शिकायत 2011में दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद मामला जयपुर के चौमूं थाना में दर्ज कराया गया था। 22अगस्त 2014को सेबी ने कंपनी के कारोबार करने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 2016में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

उस वक्त त्तकालीन चीफ जस्टिस आरएम लोढा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई थी। कोर्ट ने आदेश दिया था कि PACL की संपत्तियों को नीलाम कर निवेशकों को उनका पैसा ब्याज सहित लौटाया जाए। अब बताया जा रहा है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। 

PACL घोटलें में प्रताप सिंह खाचरियावास

PACL के खिलाफ कई अन्य राज्यों में मुकदमें दर्ज किए गए थे। कंपनी पर बिहार , महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, असम, कर्नाटक, जयपुर ग्रामीण, उदयपुरस आंध्र प्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़ समेत आधे से ज्यादा राज्यों में मुकदमे दर्ज कराए गए थे। अब इस घोटाले में प्रताप सिंह खाचरियावास के नाम जुड़े हैं। उनपर इस घोटाले के जरिए 30करोड़ रुपए उगाही करने का आरोप है।

प्रताप सिंह खाचरियावास की बात करे, तो वह राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार में वह खाद्य सुरक्षा मंत्री थे। वह कांग्रेस के तेज तर्रार नेता माने जाते हैं। उन्होंने छात्र जीवन से ही अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। प्रताप सिंह को तेजतर्रा छवि और तीखे बयानों के लिए भी जाने जाते हैं।

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