Raghuram Rajan US Federal Reserve: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की एक महत्वपूर्ण टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। राजन के साथ दिल्ली में जन्मे अर्थशास्त्री राज चेट्टी और माइक्रोसॉफ्ट की अधिकारी आशा शर्मा को भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अलग-अलग समितियों में नियुक्त किया गया है। अमेरिका के नए फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श ने मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए पांच नई टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया है। इन टास्क फोर्स का उद्देश्य फेड की नीतियों को और बेहतर बनाना और भविष्य की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए सुझाव देना है।
समितियां स्वतंत्र रूप से करेंगी काम
इन समितियों में मुख्य रूप से संचार नीति, बैलेंस शीट नीति, आर्थिक आंकड़े, उत्पादकता और रोजगार तथा महंगाई से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। फेडरल रिजर्व के अनुसार, इन टास्क फोर्स को बैंक के कर्मचारी सहयोग देंगे, लेकिन ये समितियां स्वतंत्र रूप से काम करेंगी और अपनी रिपोर्ट सीधे फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) को सौंपेंगी।
बैलेंस शीट पॉलिसी टास्क फोर्स में शामिल
रघुराम राजन को बैलेंस शीट पॉलिसी टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। इस समिति में उनके साथ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की अर्थशास्त्री कैरेन डायनन और फेडरल रिजर्व के पूर्व गवर्नर जेरेमी स्टीन भी शामिल हैं।यह टास्क फोर्स अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौजूदा बैलेंस शीट नीति की समीक्षा करेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि वर्तमान व्यवस्था के क्या फायदे और नुकसान हैं और इसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था तथा वित्तीय प्रणाली पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। रघुराम राजन दुनिया के जाने-माने अर्थशास्त्रियों में शामिल हैं। वह साल 2013 से 2016 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे थे। इससे पहले वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में मुख्य अर्थशास्त्री के पद पर भी काम कर चुके हैं। राजन ने वैश्विक वित्तीय संकट, महंगाई नियंत्रण और बैंकिंग सुधारों पर कई महत्वपूर्ण विचार रखे हैं। उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की इस अहम समीक्षा प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
टास्क फोर्स की सिफारिशें निभा सकती हैं अहम भूमिका
वहीं, राज चेट्टी अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अपने शोध के लिए प्रसिद्ध हैं और सामाजिक गतिशीलता तथा आर्थिक अवसरों पर उनका काम काफी चर्चित रहा है। माइक्रोसॉफ्ट की अधिकारी आशा शर्मा को भी तकनीक और आर्थिक नीति से जुड़े अनुभव के आधार पर इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। फेडरल रिजर्व की यह पहल ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका महंगाई, रोजगार और आर्थिक विकास जैसी बड़ी चुनौतियों से जूझ रहा है। इन टास्क फोर्स की सिफारिशें आने वाले समय में अमेरिकी मौद्रिक नीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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