लखनऊ में जुमे की नमाज के बाद इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, PM नेतन्याहू को बताया कातिल

लखनऊ में जुमे की नमाज के बाद इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, PM नेतन्याहू को बताया कातिल

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद इजरायल के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। आसिफी मस्जिद और ऐशबाग ईदगाह सहित शहर की प्रमुख मस्जिदों के बाहर हजारों लोग इकट्ठा हुए और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को "कातिल" का नाम देते हुए उनके खिलाफ कड़े शब्दों में निंदा की। यह प्रदर्शन हाल ही में इजरायल-ईरान संघर्ष और गाजा में चल रहे सैन्य अभियानों के जवाब में के लिए किया गया।
 
प्रदर्शन का माहौल और नारेबाजी
लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा के आसपास भारी भीड़ देखी गई। प्रदर्शनकारियों ने "इजरायल मुर्दाबाद" और "फिलिस्तीन जिंदाबाद" के नारे लगाए। कुछ लोगों ने इजरायल का झंडा जलाया और नेतन्याहू का पुतला फूंका। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने आसिफी मस्जिद में नमाज के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा इजरायल की बर्बरता ने गाजा में हजारों निर्दोष लोगों की जान ली है। नेतन्याहू की नीतियां मानवता के खिलाफ हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजरायल पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की।
 
पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन के दौरान लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। टीले वाली मस्जिद, बड़ा इमामबाड़ा, और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। ड्रोन से निगरानी की गई और सोशल मीडिया पर अफवाहों को रोकने के लिए विशेष नजर रखी गई। लखनऊ पुलिस उपायुक्त विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया "प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। लेकिन हम किसी भी तरह के उपद्रव को रोकने के लिए पूरी तरह से तैयार थे।"
 
इजरायल-ईरान तनाव का मुख्य कारण
यह प्रदर्शन इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य अड्डों पर हमले किए। जिसके जवाब में ईरान ने तेल अवीव पर 100 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन हमलों में दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है। गाजा में भी इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों में हजारों लोग मारे गए हैं। जिसे लेकर विश्व भर में विरोध हो रहा है। 
 
लखनऊ में जुमे की नमाज के बाद हुआ यह प्रदर्शन वैश्विक मंच पर इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से भी मांग की कि वह इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाए। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।  लेकिन इसने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के प्रति स्थानीय लोगों की संवेदनशीलता को उजागर किया।
 

Leave a comment