
HMPV Virsu Crisis: चीन से उठा एचएमवीपी वायरस एक बार फिर पुरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने की कोशिश कर रहा है। भारत में अब तक इसके 7 केस मिल चुके हैं। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि चिंता की कोई बात नहीं है। यह वायरस कोरना के जैसा खतरनाक नहीं है।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं के दुरुस्त करने के आदेश दे दिए है। विभाग ने आदेश दिया है कि अस्पताल में व्यवस्थाओं का ध्यान रखा जाए। सरकार के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और कफ के गंभीर लक्षण वाले मरीजों के आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने को कहा है। साथ ही बाहर से आने वाले लोगों पर निगरानी रखने को कहा है।
आरटीपीसीआर टेस्ट कराने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रशासन को इन्फ्लूएंजा से संबंधित रोगियों की निगरानी करने को कहा है। साथ ही बाहर से आने वाले लोगों को आरटीपीसीआर टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रोगियों की निगरानी रखने को कहा है। अस्पतालों में ऐसे रोगियों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था करने को कहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह एक सामान्य वायरस है, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस वायरस से इंफेक्शन देश में पहले भी होते रहे हैं।
भारत में अब तक सात केस मिले
बता दें कि एचएमवीपी वायरस के सात केस अब भारत में मिल चुके हैं। कर्नाटक में दो मरीज मिलने के बाद गुजरात में भी दो मरीज मिले हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी एचएमवीपी वायरस के मरीज मिले है। जिसके बाद सरकार ने बाहर ने आने वाले लोगों पर निगरानी के आदेश दिए है। बता दें कि एचएमवीपी वायरस का प्रकोप चीन में इस कदर छाया हुआ है कि, वहां कई राज्यों में आपातकाल लगा दिए गए हैं। चीन के बाद एचएमवीपी वायरस के मामले हांगकांग में मिले है।
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