Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि के कथित गबन के आरोपों को लेकर किया गया। सुबह करीब 10:30 बजे कई विपक्षी दलों के सांसद संसद परिसर में एकत्र हुए। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित बल प्रयोग को लेकर सवाल उठाए गए थे। सांसदों ने पूछा कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।
विपक्षी सांसदों ने लगाए नारे
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने "चढ़ावा चोर, गद्दी चोर" और "गृह मंत्री सदन में आओ" जैसे नारे लगाए। इसके अलावा उन्होंने अंग्रेजी में "Who gave the order?" यानी "आदेश किसने दिया?" के नारे भी लगाए। विपक्षी सांसद अपने साथ एक दान पेटी भी लेकर आए थे। उन्होंने उसमें पैसे डालकर प्रतीकात्मक विरोध जताया। यह प्रदर्शन अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के आरोपों के विरोध में किया गया।
विपक्ष ने लगाया सरकार पर आरोप
सांसद एक बड़े बैनर के पीछे खड़े दिखाई दिए, जिस पर "Who gave the order" लिखा हुआ था। यह नारा हाल ही में नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में था। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब राज्यसभा में बाद में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा और पारित करने की प्रक्रिया होनी थी। यह बिल परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने से जुड़ा है।
समाजवादी पार्टी ने भी किया था प्रदर्शन
इससे एक दिन पहले समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी इसी मुद्दे को लेकर संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में सांसदों ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि के कथित गबन और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सरकार से जवाब मांगा था। विपक्षी दलों ने इन दोनों मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला तेज कर दिया है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले पर जवाब का इंतजार है।
Also read: पैलेट गन पर रोक की मांग पहुंची सुप्रीम कोर्ट, अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर मांगा एसओपी