क्या है जन विश्वास बिल? कानून बनने के बाद 1000 से ज्यादा कृत्य को नहीं माना जाएगा अपराध!

क्या है जन विश्वास बिल? कानून बनने के बाद 1000 से ज्यादा कृत्य को नहीं माना जाएगा अपराध!

Jan Vishwas Bill:केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जन विश्वास विधेयक को अभूतपूर्व सुधार बताते हुए अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि 79 संसदीय अधिनियमों के लगभग 1000 प्रावधानों में संशोधन किया गया है। जिनमें आजादी से पहले के छह कानून शामिल है।

बता दें कि 2अप्रैल को जन विश्वास विधेयक 2026 को पारित कर दिया। इस विधेयक के जरिए केंद्र सरकार ने विभिन्न कानून में मौजूद कई आपराधिक प्रावधानों को हटा दिया है। साथ ही सरल और तर्कसंगत बनाने की दिशा में कदम उठाया है।

जन बिश्वास बिल 2026 के प्रमुख प्रावधान

मामूली या तकनीकी गलतियों के लिए अब जेल की सजा होगी। ऐसे मामलों को अपराधिक कृत्य के बजाए प्रशासनिक उल्लंघन माना जाएगा।

मेट्रो में धूम्रपान,सड़क के साइन बोर्ड को नुकसान पहुंचान, सार्वजनक स्थानों पर गंदनी फैलाने जैसे मामले में FIR की जुर्माना लगया जाएगा।

ड्रग्स और कॉस्मेटिक कानून के तहत मानकों के उल्लंघन पर जेल की जगह अब एक लाख रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

बिना बीमा के वाहन चलाने जैसे कृत्यों में भी कई स्थितियों में जेल के बजाए जुर्माना लगाया जाएगा।

एप्रेंटिस एक्ट, 1961 के तहत पहले या दूसरे उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जगह केवल चेतावनी या सलाह दी जाएगी।

अन्य प्रमुख प्रावधान

विधेयक के तहत विभिन्न कानूनों में जुर्माना की राशि संशोधित की गई है और तीन साल के अंतराल में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रावधान जोड़ा गया है। साथ ही विवादों के निपटारे के लिए निर्णायल और अपील प्राधिकरण बनाए जाएंगे। इसके अलावा कुछ मामूली अपराधों जैसे झूठा फायर अलार्म या जन्म-मृत्यु की सूचना न देना पूरी तरह हटा दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह कानून विकसित भारत 2047  की दिशा में बड़ा कदम है। जिससे निवेश, व्यापार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।  

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