Sugar Crisis:भारत में अचानक चीनी की कीमत ने लोगों को चौंका दिया है। सिर्फ भारत ही पूरी दुनिया चीनी की संकट से जूझ रही है। सरकार का कहना है कि फिलहाल चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी कई कारणों के संयोजन से हो रही है। जिसमें घरेलू उत्पादन कम होना, बढ़ती डिमांड और गन्ने की फसल का नुकसान होना भी शामिल है।
वर्तमान में चीनी का उत्पादन करीब 306 लाख मीट्रिक टन रहने की उम्मीद है, जबकि गन्ना उत्पादक राज्यों द्वारा शुरुआती अनुमान करीब 343 एलएमटी लगाया गया था। गन्ने की फसल रेड रॉट और टॉप बोरर रोग से प्रभावित हुई है। इसके अलावा समय से पहले ज्यादा बारिश के कारण हुए जलभराव ने भी फसल को नुकसान पहुंचाया है।
दुनियाभर में बढ़ रहे चीनी के दाम
हालांकि, चीनी की कीमतों में उछाल सिर्फ भारत में नहीं है। चीनी की संकट अब पूरी दुनिया पर दिखाई दे रही है। दुनिया में गन्ने की सबसे ज्यादा खेती करने वाले ब्राजील में भी चीनी कां संकट गहरा रहा है। अमेरिका डिपॉर्टमेंट ऑफ फॉरेन एग्रीकल्चर सर्विस के डेटा के अनुसार, ब्राजील दुनिया के 24 फीसदी गन्ना उत्पादन करता है। जिसके बाद भारत 16 फीसदी गन्ना उत्पादन करता है।
ब्राजील इथेनॉल में बढ़ रहा उत्पादन
ब्राजील अपनी गन्ने को इथेनॉल उत्पादन की तरफ मोड़ रहा है। जिसके चलते ब्राजील में चीनी का संकट खड़ा हो चुका है। ब्राजील की नेशनल सप्लाई कंपनी कोनाब के अनुसार, चीनी के उत्पादन में लगभग 3 फीसदी कटौती हो सकती है। यानी ब्राजील में चीनी उत्पादन 43 मिलियन टन कम रहने की आशंका है। वहीं, दूसरी वजह एलनीनो को लेकर है, जिसके विजह से ब्राजील के मध्य और दक्षिणी हिस्से में बरसात में देरी और तापमान में बढोतरी की वजह गन्ने के उत्पादन पर असर पड़ा है। यानी पूरी दुनिया को चीनी निर्यात करने वाले ब्राजील में किसानों का इथेनॉल की ओर रुख करना दुनियाभर में शुगर सप्लाई को प्रभावित कर रहा है।
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