Nepal Crisis: बाढ़ के कारण नेपाल में हाहाकार मचा हुआ है। अभी तक 579 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकांश शवों की पहचान न होने के कारण अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है।
वहीं, तेजी से बढ़ रही लाशों की संख्या के कारण अस्पताल में जगह नहीं बची है। यहां तक की शवों से दुर्गंध आने लगी है। जिसके कारण महामारी फैलने का डर सता रहा है। इस बीच नेपाल सरकार बिना पहचान वाले शवों का अंतिम संस्कार करने जा रही है।
नेपाल में बाढ़ के कारण तबाही
नेपाल में बुधवार यानी 26 अगस्त को बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। सुरक्षाकर्मी लापता लोगों की तलाश की तलाश में जुटे हैं लेकिन, इस दौरान शवों से दुर्गंध आने के कारण महामारी का खतरा फैल गया है। अकेले चितवन में 178 शव बरामद किए जा चुके हैं। चितवन के मुख्य जिला अधिकारी गणेश आर्यल ने कहा कि शवों का सुरक्षित प्रबंधन प्रशासन के लिए चुनौती भरा है। वहीं, महामारी की खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार और जिला प्रशासन आगे की कार्रवाई में जुटा है।
महामारी रोकने के लिए क्या कर रही सरकार
महामारी रोकने के लिए नेपाल के गृह मंत्रालय ने संबंधित जिलों के साथ मिलकर शवों के प्रबंधन की रणनीति बना रहा है। गृह मंत्रालय की उप प्रवक्ता रमा आचार्य सुबेदी के अनुसार रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, चितवन और नक्लपरासी जैसे जिलों में लगातार शव मिल रहे हैं। सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि शवों का अंतिम संस्कार व प्रबंधन स्थानीय स्तर पर किया जाए या उन्हें काठमांडू लाया जाए, ताकी प्रक्रिया को तेज किया जा सके।
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