Oppositon Reacts On Mohan Bhagwat Remarks:संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यूनिवर्सल वननेस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। ये कार्यक्रम अमेरिका के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में RSS चीफ मोहन भागवत ने अपना संबोधन दिया।
मोहन भागवत ने कहा कि जब भी आप अमेरिका के बारे में सोचते हैं तो अक्सर चर्चा में एक शब्द आता है। बहुलतावाद, वहीं, जब हम भारत की बात करते हैं, तो विविधता में एकता की चर्चा होती है और ये उसके डिएनए में है।
क्या बोले मोहन भागवत
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि हर देश केवल भौगोलिक इकाइयां नहीं होते। हर देश का अपना कर्तव्य होता है, जिसे उसे निभाना होता। स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हर देश की अपनी नियती होती है। भारत की भूमिका विविधता में एकता के सिद्धांत को साकार करना और दुनिया को इसे समझने में मदद करना है।
विपक्ष का आरएसएस से सवाल
मोहन भागवत के वक्तव्य पर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रविवार यानी 30 अगस्त को कहा कि केवल शब्द मायने नहीं रखते, बल्कि काम भी दिखाई देना चाहिए। वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि अगर भारत में हिन्दू-मुस्लमान का कोई मसला ही नहीं है तो यह अचानक वहां जाकर बोलने की जरूरत क्यों। वहीं, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि भागवत यह बात कह रहे हैं लेकिन, वह वास्तव में इस पर विश्वास करते हैं या नहीं यह वह नहीं जानते। AIMPLB के कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी ने कहा कि भागवत ने जो बात कही है, उसे लागू किया जाना चाहिए।
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