Pipalkoti Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के तट पर स्थित पिपलकोटी सुरंग दुर्घटना में मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर आठ हो गई, जब बचाव दल ने घटनास्थल से एक और शव बरामद किया। निर्माणाधीन टीएचडीसी सुरंग में फंसे दो अन्य व्यक्तियों का पता लगाने और उन्हें निकालने के लिए अभियान जारी है।
गहन बचाव प्रयासों पर जानकारी देते हुए, चमोली के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) विवेक प्रकाश ने शनिवार को बताया कि बचाव दल लापता लोगों तक पहुंचने के लिए खराब मौसम और उच्च जलस्तर का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया ‘हम प्रयास कर रहे हैं... वहां बहुत पानी था। हमने जलस्तर कम करने में कामयाबी हासिल की है। आज एक शव बरामद कर एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया है। हम अभी भी अन्य दो लोगों की तलाश कर रहे हैं; हमारी टीमें काम में लगी हुई हैं, और हमें उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा।‘
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NDRF, SDRF, सेना का संयुक्त अभियान
एडीएम ने कई विशेषज्ञ एजेंसियों की भागीदारी वाले इस अभियान की सहयोगात्मक प्रकृति पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे बताया ‘फिलहाल, हमें NDRF, SDRF, सेना और विभिन्न अर्धसैनिक बलों से लगातार मदद मिल रही है। हालांकि, मौसम एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है और बाधा उत्पन्न कर रहा है। सुरंग के अंदर पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।‘
राहत कार्य की समय-सारणी का विवरण देते हुए प्रकाश ने बताया कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे थे। उन्होंने आगे कहा ‘हम परसों शाम से यहां काम कर रहे हैं। पूरी प्रशासनिक टीम और पुलिस टीम सबसे पहले पहुंची। उसके बाद हमने सभी को बुलाया - SDRF, DDRF और NDRF भी पहुंच गईं। SDRF टीम ने विशेष रूप से बहुत काम किया है।‘ एडीएम ने आगे बताया कि सुरंग के अंदर बाढ़ को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी सहायता ली गई।
उन्होंने बताया ‘एचसीसी कंपनी और टीएचडीसी के कर्मचारियों और श्रमिकों ने बचाव कार्य में मदद की। हमने कल रात भी उन्हें निकालने की कोशिश की; हम पूरी रात वहीं थे, लेकिन पानी की अधिकता के कारण हम सफल नहीं हो सके। बाद में, हमने पानी निकालने के लिए एनटीपीसी और टीएचडीसी से पंप मंगवाए। उन पंपों की बदौलत पानी का स्तर काफी कम हो गया है। हमें आज एक शव मिला है, और दो और शव हैं जिन्हें हम जल्द ही निकाल लेंगे।‘
घटना पर CM धामी ने क्या कहा?
इससे पहले आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोर देकर कहा कि निर्माण परियोजनाओं पर कार्यरत कर्मियों की सुरक्षा “हर कीमत पर सर्वोच्च प्राथमिकता” होनी चाहिए और दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। घटना पर बोलते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा ‘चमोली में निर्माणाधीन टीएचडीसी सुरंग में, मलबे और पानी के अचानक तेज बहाव ने उस समय ड्यूटी पर तैनात 22 श्रमिकों को फंसा लिया... अभी तक बचाए न जा सकने वाले तीन लोगों की तलाश जारी है। NDRF, SDRF और उत्तराखंड सरकार के जिला प्रशासन सहित सभी एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।‘
उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और बाढ़ के सटीक कारण का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा ‘मैंने तथ्यों को स्पष्ट रूप से उजागर करने और भविष्य में बरती जाने वाली सावधानियों का निर्धारण करने के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। किसी भी निर्माण परियोजना पर काम करने वाले कर्मियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, चाहे कुछ भी हो जाए। मैंने इस संबंध में कल निर्देश जारी किए थे।‘ सुरंग के अंदर बाढ़ ने बचाव टीमों के सामने चुनौतियां बढ़ा दी हैं, क्योंकि पानी और जमा कीचड़ के कारण आवाजाही बाधित हो रही है और व्यापक तलाशी अभियान चलाना मुश्किल हो रहा है।