Devendra Mahto: आज 15 अगस्त शनिवार को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो को कथित तौर पर पुलिस ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में तिरंगा यात्रा में भाग लेने से रोक दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। जिस वजह से उनके सीने में चोट भी लगी। महतो ने दावा किया कि उनके साथ मौजूद साथियों के साथ भी पुलिस ने मारपीट की है।
उन्होंने कहा ‘पुलिस द्वारा लगातार धक्का-मुक्की कर मुझे रोका गया। आखिरकार मैं अपने रूम के गेट के बाहर ही बैठ गया हूँ। जब तक मुझे यहाँ से बाहर निकलने नहीं दिया जाता, तब तक मैं यहीं बैठा रहूँगा। मैं अपना इलाज भी नहीं करवाऊँगा और यहीं रहकर अपनी बात रखूँगा। मेरी लड़ाई जनता के अधिकार और न्याय के लिए है। मुझे रोककर मेरी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।‘
इससे पहले महतो ने बताया कि आज ध्वजारोहण मार्च में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करने के बाद उनके अस्पताल के कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक रोस्ट शेयर करते हुए लिखा ‘जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित ध्वजारोहण और तिरंगा मार्च में भाग लेने की इच्छा व्यक्त करने के बाद, सदर अस्पताल में मेरे कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आखिर यह कैसी आजादी है? क्या हम अपने ही देश में तिरंगा फहराने और तिरंगा मार्च में भाग लेने के लिए भी स्वतंत्र नहीं हैं? कठिन परिस्थितियों के बावजूद, मैं शांतिपूर्ण तरीके से इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहता हूं।‘
बता दें, महतो अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 14वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। वे 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं। रांची विधानसभा घेराव मार्च के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस और जल प्रस्फुटन के प्रयोग के बाद अराजक हो गया था। मालूम हो कि स्टेडियम वर्तमान में मुख्य विरोध स्थल है, जहां हजारों लोग झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
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