Protest In Chandigarh:पूरा देश 80वें आजादी दिवस का जश्न मना रहा है लेकिन, दूसरी तरफ चंडीगढ़ में तनावपूर्ण माहौल है। बवाल होने के डर से लोग घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं और सड़कों पर आजादी से घूसने से भी डर रहे हैं।
दरअलस, कौमी इंसाफ मोर्चा सिख युवकों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग की है। मोर्चा के समर्थकों को पुलिस ने चंडीगढ़ बॉर्डर पर रोका हुआ है। प्रदर्शनकारी घोड़े पर सवार होकर भी आए थे। वहीं, जब प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर हाउस की तरफ कूच करने का प्रयास किया तो पुलिस ने वॉटर कैनन चलाकर उन्हें रोका।
चंडीगढ़ में कौमी एकता दल का प्रदर्शन
दरअसल, चंडीगढ़ में कौमी इंसाफ मोर्चा के बैनर तले कैदियों की रिहाई को लेकर अलग-अलग समुदाय के लोग एक साथ प्रदर्शन पर उतरे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। वहीं, पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। बताया जा रहा है कि सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर ये प्रदर्शनकारी राजभवन का घेराव करने का ऐलान कर चुके हैं।
मौके पर भारी सुरक्षाबल तैनात
वहीं, मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनाक किया गया है और बौरिकेडिंग की गई है। पुलिस की तरफ से साफ चेतावनी दी गई है कि अगर बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की गई तो बल का प्रयोग किया जाएगा। प्रशासन की तरफ से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ाई गई है। दूसरी तरफ जगतार सिंह हवारा के पिता बापू गुरचरण सिंह ने कहा कि हम तीन साल से ज्यादा समय से शांति से बैठे हुए हैं लेकिन, सरकार न्याय हमें देने को तैयार नहीं है। हमारा मकसद पूरी तरह शांतिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि हिरासत में लिए गए सिखों की रिहाई हो। साथ ही 10 दिन का पैरोल भी मिले ताकी वह अपनी बीमार मां से मिल सके।
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