Firozabad News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, टूंडला तहसील की तहसीलदार राखी शर्मा ने जिलाधिकारी रमेश रंजन और उनके करीबी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, मानसिक उत्पीड़न और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला अधिकारी ने दावा किया कि पिछले 9 महीने से उन पर लगातार शोषण किया जा रहा है।
तहसीलदार के मुख्य आरोप
बता दें, शुक्रवार को तहसील परिसर में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राखी शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार में साथ न देने पर डीएम ने उनके खिलाफ फर्जी विभागीय जांच शुरू की। जांच को बंद कराने के बदले उनसे 1.75 लाख रुपये कीमत का iPhone और Apple Watch लिया गया। इसके बावजूद उत्पीड़न जारी रहा और लगभग 8 महीने तक उनकी सैलरी भी रोक दी गई।
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उन्होंने आगे बताया कि डीएम रमेश रंजन और उनके ओएसडी समेत अन्य सहयोगियों ने भ्रष्टाचार से जुड़ी रिपोर्ट को मनमाफिक तरीके से तैयार करने का दबाव डाला। इसके अलावा जांच बंद कराने के लिए महंगे गिफ्ट्स की मांग की गई और लिए गए। सैलरी रोककर और लगातार मानसिक हैरेसमेंट से उन्हें परेशान किया गया। जिसके बाद राखी शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे हस्तक्षेप की अपील करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराने की बात कही।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, DM रमेश रंजन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। प्रशासनिक सूत्रों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तहसीलदार के खिलाफ पहले से ही कई विभागीय जांच चल रही थीं और उनका ट्रांसफर ऑर्डर जारी होने के बाद यह विवाद सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी संबंधित मामले में जांच का निर्देश दिया था।