Government Marine Insurance Pool: वैश्विक तनाव और समुद्री जोखिमों के बीच भारत सरकार ने शिपिंग उद्योग को मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करने का बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने शनिवार को भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (Bharat Maritime Insurance Pool - BMI Pool) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस पूल को ₹12,980 करोड़ की सॉवरेन गारंटी (सरकारी गारंटी) के साथ स्थापित किया जाएगा, जिससे जहाजों और कार्गो को युद्ध जोखिम, समुद्री लूट (पाइरेसी), दुर्घटना और अन्य समुद्री खतरों से सुरक्षा मिलेगी।
वर्तमान में पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते संघर्ष, लाल सागर संकट और अन्य भू-राजनीतिक तनावों के कारण अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियां जहाजों के लिए वार रिस्क कवर देने से हिचकिचा रही हैं और प्रीमियम भी कई गुना बढ़ गए हैं। ऐसे में यह पूल भारतीय व्यापार को सस्ते और निरंतर बीमा कवर उपलब्ध कराएगा, खासकर भारत से आने-जाने वाले या भारत-नियंत्रित जहाजों के लिए।
भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल क्या है?
दरअसल, यह एक घरेलू बीमा पूल है जो समुद्री क्षेत्र में सभी प्रमुख जोखिमों को कवर करेगा। इसमें हल एंड मशीनरी (Hull & Machinery): जहाज की संरचना और इंजन की सुरक्षा। कार्गो इंश्योरेंस: माल की सुरक्षा। प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी (P&I): थर्ड पार्टी दायित्व और अन्य कानूनी जोखिम। वार रिस्क (War Risk): युद्ध, आतंकवाद, समुद्री लूट और संघर्ष संबंधी खतरों का कवर। यह पूल GIC Re (जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) के नेतृत्व में काम करेगा, जिसमें न्यू इंडिया एश्योरेंस और अन्य सामान्य बीमा कंपनियां भी भाग लेंगी। पूल शुरू में 10 साल के लिए चलेगा, जिसे आगे 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
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मुख्य फायदे
1. सस्ता और निरंतर कवर: विदेशी बीमा कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और प्रीमियम किफायती रहेंगे।
2. व्यापार सुरक्षा: भारत आने-जाने वाले सभी जहाजों (भारतीय ध्वज वाले या विदेशी जहाज जो भारतीय कार्गो ले जा रहे हों) को कवर मिलेगा, भले ही वे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे पर्शियन गल्फ, लाल सागर या अन्य अस्थिर मार्गों से गुजरें।
3. आर्थिक स्थिरता: तेल, गैस और अन्य जरूरी सामानों का आयात-निर्यात बिना रुकावट जारी रहेगा।
4. घरेलू क्षमता निर्माण: भारतीय बीमा उद्योग की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य के जोखिमों से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा।
केंद्र सरकार के अनुसार, बढ़ती वैश्विक अस्थिरता के बीच यह पूल भारतीय व्यापार की निरंतरता सुनिश्चित करेगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इससे जहाजों को हर स्थिति में बीमा सुरक्षा मिलेगी।