नई दिल्ली: हर साल देश में 24अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है. पंचायती राज मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस का आयोजन किया जाता है. देश में पहली बार अप्रैल 2010 में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया गया था.महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज सपने को सकार करते हुए, 1992 में संविधान में 73वां संशोधन किया गया और पंचायती राज संस्थान के कॉन्सेप्ट को पेश किया गया. 24 अप्रैल को 73वां संवैधानिक संशोधन लागू हुआ था.
24 अप्रैल 1993 देश के ज़मीनी स्तर पर सत्तान के विकेन्द्री करण के इतिहास में सबसे महत्व पूर्ण दिनों में से एक है.इस कानून की द्वारा स्थानीय निकायों को ज्यादा से ज्यादा शक्तियां दी गई है. उनको आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की शक्ति और जिम्मेदारियां दी गई. राजस्थान पहला ऐसा राज्य था जिसने 1959में दिवंगत प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय में पंचायती राज व्यवस्था लागू किया था.
पिछले वर्ष प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर एकीकृत ई-ग्रामस्वराज पोर्टल और एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया था. यह पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक नई पहल थी. इसके द्वारा ग्राम पंचायतों को अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना को तैयार करने और कार्यान्वित करने के लिए एक मंच मिल गया था. इसका उद्देश्य गांव में स्वामित्व योजना को ठीक कर संपत्ति को लेकर कलह की स्थिति को खत्म करना था.
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल 2021 के इस अवसर पर ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत व जिला पंचायतों को भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत करेगें. देश के 30 राज्य के 313 चयनित ग्राम पंचायतों के बीच यह पुरस्कार वितरण करेंगे.