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किसे नहीं मिलेगा सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम का इमरजेंसी अलर्ट, जानें कैसे तय की गई इसकी सीमाएं?

किसे नहीं मिलेगा सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम का इमरजेंसी अलर्ट, जानें कैसे तय की गई इसकी सीमाएं?

Emergency Alert System: शनिवार को पूरे देश में Cell Broadcast System का बड़े स्तर पर टेस्ट किया गया। यह सिस्टम भविष्य में आम लोगों को आपदा के समय तुरंत चेतावनी देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि भूकंप, बाढ़, चक्रवात या किसी सुरक्षा खतरे की स्थिति में लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचाई जा सके। यह अलर्ट सामान्य SMS की तरह नहीं होगा। इसे मोबाइल टावर के जरिए एक साथ पूरे इलाके में भेजा जाएगा। खास बात यह है कि इसके लिए इंटरनेट या किसी मोबाइल ऐप की जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी नेटवर्क कमजोर होने पर भी यह सिस्टम काम कर सकता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक उन परिस्थितियों में भी अलर्ट भेज सकती है, जहां कॉल या इंटरनेट ठीक से काम नहीं कर रहा होता। ऐसा इसलिए क्योंकि यह मैसेज सीधे टावर से प्रसारित होता है, न कि सामान्य SMS की तरह कतार में जाता है। हालांकि, अगर फोन में बिल्कुल “नो सर्विस” है, यानी कोई सिग्नल नहीं मिल रहा, तो यह सिस्टम भी काम नहीं करेगा।

क्या है सिस्टम की खासियत?

इस सिस्टम की एक और खासियत यह है कि यह नंबर पर नहीं, बल्कि पूरे एरिया पर काम करता है। इसका मतलब है कि अगर आपका फोन चालू है और किसी भी नेटवर्क का सिग्नल पकड़ रहा है, तो आपको अलर्ट मिल सकता है। कुछ मामलों में बिना सिम कार्ड के भी यह चेतावनी दिखाई दे सकती है। हालांकि, यह तकनीक पूरी तरह से हर स्थिति में काम नहीं करती। जिन इलाकों में नेटवर्क कवरेज बिल्कुल नहीं है, वहां रहने वाले लोग इस अलर्ट से वंचित रह सकते हैं। इसके अलावा, अगर फोन बंद है, बैटरी खत्म है या एयरप्लेन मोड ऑन है, तो भी अलर्ट नहीं मिलेगा।

किसे नहीं मिलेगा इसका फायदा?

पुराने मोबाइल फोन या ऐसे स्मार्टफोन जिनमें यह फीचर सपोर्ट नहीं करता, वे भी इस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगे। कई बार लोग अपनी सेटिंग्स में इमरजेंसी अलर्ट को बंद कर देते हैं, ऐसे में भी यह सुविधा उन तक नहीं पहुंचेगी। सरकार इस सिस्टम को देश के आपदा प्रबंधन तंत्र का अहम हिस्सा बनाने की तैयारी कर रही है। इसे एक डिजिटल लाउडस्पीकर की तरह समझा जा सकता है, जो खतरे की स्थिति में तुरंत चेतावनी देता है। कुल मिलाकर, यह तकनीक तेज और उपयोगी है, जो कई बार लोगों की जान बचाने में मदद कर सकती है, लेकिन इसकी सीमाओं को समझना भी जरूरी है। 

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