Tamilnadu News: औरतें और उनके लंबे बाल उफ्फ.... औरतों की खूबसूरती में चार-चांद लगा देते हैं उनके लंबे-घने बाल। लेकिन क्या हो अगर आपको कोई शख्स आपके बाल कटवाने के लिए बोले या आपको कहे कि आप अपना सिर मुंडवा लो, तो आपको जरूर जोरदार झटका लगेगा। लेकिन सच में ऐसा हो सकता है। दरअसल, तमिलनाडु के सलेम जिले के अत्तूर के पास पुथुकोथमपाडी गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक शख्स ने महिलाओं को कॉल किया और उनका सिर मुंडवाने के लिए कहा। लेकिन सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि महिलाओं ने चुपचाप उस शख्स की बात मान ली और अपना सिर मुंडवा लिया। क्यों चौंक गए न! हालांकि, सोचने वाली बात यह है कि महिलाओं ने ऐसा क्यों किया और वो कॉल करने वाला शख्स कौन था? चलिए जानते है पूरी कहानी।
क्या है पूरी कहानी?
बता दें, ये कहानी शुरु होती है एक फोन कॉल से...जो खुद को तहसीलदार बताता है। दरअसल, 26 जुलाई रविवार रात करीब 8:00 बजे गांव की एक महिला पलानीअम्मल को उसके मोबाइल फोन पर एक कॉल आता है, जो अत्तूर तहसील कार्यालय का तहसीलदार बताया। शख्स ने कॉल पर उस महिला और उसके परिवार वालों के नाम और अन्य जानकारी भी दी, जिससे महिला रा विश्वास और बढ़ गया। महिला को भरोसा दिलाने के बाद शख्स ने अपना अगला खेल शुरु किया।
कॉल करने वाले ने महिला को बताया कि देश में एक बार फिर कोरोना जैसी महामारी फैल रही है, लेकिन इस बार इस बीमारी का कारण उनके बाल हैं। इसलिए उन्हें अपना सिर मुंडवाना होगा। ऐसा करने से वह महामारी के संपर्क में नहीं आएंगी। खास बात यह है कि सिर मुंडवाने के लिए सरकार सभी महिलाओं को 15 हजार रुपये देगी। ये स्कीम पुरुषों, स्कूल-कॉलेज के बच्चों के लिए भी हैं।
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3 महिलाओं ने मुंडवा लिया अपना सिर
बस फिर क्या था। पलानीअम्मल के जरिए ये सरकारी स्कीम गांव के अन्य लोगों तक भी पहुंच गई। और देखते-ही-देखते सिर मुंडवाने के लिए कई लोग तैयार हो गए। लेकिन उन लोगों को सच का कोई अंदाजा ही नहीं था। उन लोगों को बिल्कुल भी नहीं पता था कि उस स्कीम के जरिए उन्हें झूठ के जाल में फंसाया जा रहा है। सिर मुंडवाने वाली महिलाओं में कावेरी (56), रामायी (58) और चित्रा (60) का नाम शामिल हैं। कॉल करने वाले शख्स के अनुसार, इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए गांव को सिर्फ 18 टोकन मिले हैं। इसके तहत अगले दिन दोपहर 2 बजे एक सरकारी अधिकारी पैसे लेकर आएंगे। लेकिन पैसे सिर्फ उसी को मिलेंगे, जिसने पहले से ही अपना सिर मुंडवा रखा हो।
पैसों और सरकारी अधिकारी के इंतजार में दोपहर से शाम हो गई। लेकिन कोई नहीं आया। बाद में कॉल करने पर नंबर बंद मिला। जिसके बाद वह सभी अत्तूर तहसील कार्यालय गई, जहां उन्हें पता चला कि कोरोना जैसी महामारी और सिर मुंडवाने की कोई भी स्कीम नहीं थी। तब कहीं जाकर उन्हें समझ आया कि उन्हें झूठ बोलकर धोखा दिया गया है।