Supreme Court on FSSAI: सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को फटकार लगाई है। दरअसल, पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर ज्यादा चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की चेतावनी लगाने में FSSAI की तरफ से दैरी हो रही है, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए FSSAI ने इस देरी का कारण पूछा है। इसके अलावा कोर्ट ने FSSAI से नमक और सोडियम की मात्रा की चेतावनी को लेकर भी जवाब मांगा है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें, ये मामला केरल की संस्था 3एस एंड अवर हेल्थ सोसाइटी की याचिका से जुड़ा है। जिसमें मांग की गई है कि पैकेज्ड फूड आइटम्स में ज्यादा चीनी, नमक और वसा की मात्रा की पूरी जानकारी चेतावनी के तौर पर पैकेट पर लिखी जानी चाहुिए। जिसके बाद कोर्ट ने FSSAI से इस मुद्दे पर विचार कर जवाब देने को कहा था। इस मामले में याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सिर्फ 'नमक' लिखने से जानकारी स्पष्ट नहीं होती, इसके लिए चीनी, नमक की सही मात्रा पैकेट पर लिखी होनी चाहिे।
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हालांकि, कोर्ट के समय देने के बाद FSSAI ने 6 चेतावनी लेबल का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव के तहत इसे दो चरणों में लागू किया जा सकता है। पहले चरण में दो या उससे ज्यादा पोषक तत्व की मात्रा ज्यादा होने पर चेतावनी लेबल लगेगा। तो वहीं, दूसरे चरण में एक तत्व ज्यादा होने पर भी चेतावनी लेबल लगाया जाएगा।लेकिन कोर्ट इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हुआ। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा उनका मकसद किसी उत्पाद पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि पैकेज्ड फूड आइटम्स में ज्यादा चीनी, नमक और वसा की मात्रा की सही जानकारी देना है। क्योंकि इस तरह के फूड्स का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है।
बता दें, इस मामले की सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ कर रहा है। उन्होंने कहा कि चेतावनी लेबल उपभोक्ताओं को खरीद से पहले तुरंत और सही जानकारी देने के लिए जरूरी हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि इस मामले को लेकर आदेश अपलोड कर दिया है। और आगे की सुनवाई के लिए वकीलों को आदेश का अध्ययन करने को कहा गया है। इस सलाह FSSAI के लिए भी दी गई है।