Political News: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने प्रमुख मोर्चा के प्रभारियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने युवा, महिला, अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), किसान, अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी अलग-अलग नेताओं को सौंपी है। इसे पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों और आने वाले चुनावों के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है। युवा मोर्चा का प्रभार हरीश द्विवेदी को दिया गया है। महिला मोर्चा की जिम्मेदारी डी. पुरंदेश्वरी को मिली है। SC मोर्चे के प्रभारी संजय भाटिया और OBC मोर्चे के प्रभारी वैजयंत पांडा बनाए गए हैं। किसान मोर्चे की जिम्मेदारी लाल सिंह आर्य को दी गई है। ST मोर्चे का प्रभार सतीश पूनिया और अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी गजेंद्र पटेल को सौंपी गई है।
नेता अपने-अपने मोर्चों की जिम्मेदारी संभालेंगे
ये नेता फिलहाल संबंधित मोर्चा का काम संभालेंगे। इन्हें मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी तैयार करने, राज्यों के प्रभारी तय करने और प्रदेश स्तर पर संगठन की टीम बनाने में मदद करने की जिम्मेदारी दी गई है। सभी प्रभारियों को संबंधित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्षों के साथ मिलकर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थायी प्रभारी नियुक्त होने तक ये नेता अपने-अपने मोर्चों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्षों की भी की थी घोषणा
इससे पहले बीजेपी ने प्रमुख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्षों की भी घोषणा की थी। युवा मोर्चा की कमान गुजरात के लोकसभा सांसद डॉ. हेमांग जोशी को दी गई है। महिला मोर्चे की अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी, किसान मोर्चे के अध्यक्ष बंसीलाल गुर्जर और OBC मोर्चे के अध्यक्ष अमरपाल मौर्य बनाए गए हैं। वहीं SC मोर्चे की जिम्मेदारी शिवेश कुमार राम, ST मोर्चे की जिम्मेदारी मन्नालाल रावत और अल्पसंख्यक मोर्चे की कमान कुंवर बासित अली को दी गई है।
युवा चेहरों को भी मिली जगह
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी जगह मिली है। स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महासचिव के साथ उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। सुनील बंसल राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बने रहेंगे। बी. एल. संतोष राष्ट्रीय महासचिव संगठन की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। तरुण चुघ को केंद्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है, जबकि संदीप पाठक को राष्ट्रीय सचिव और संबित पात्रा को नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी दी गई है।
चुनावी प्रबंधन पर खास जोर
नई टीम में सोशल मीडिया, बूथ स्तर के संगठन और चुनावी प्रबंधन पर खास जोर दिया गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों को भी प्राथमिकता दी गई है। पार्टी का लक्ष्य संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और आगामी चुनावों की तैयारियों को तेज करना है।
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