Bombay HC on Rahul Gandhi: बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने निचली अदालत में चल रही मानहानि की कार्यवाही और अपने खिलाफ जारी समन को रद्द करने की मांग की थी। इस फैसले को बरकरार रखते हुए, न्यायमूर्ति एनआर बोरकर की एकल पीठ ने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में कोई "विकृति और गैरकानूनीता" नहीं पाई गई। जिसके चलते कांग्रेस नेता के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही गिरगांव महानगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में आगे बढ़ेगी, जिसके लिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक होगी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह मामला 2019 का है, जब गिरगांव महानगर मजिस्ट्रेट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 500 के तहत राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का प्रथम दृष्टया मामला स्थापित होने के बाद उन्हें समन जारी किया था। राहुल गांधी ने बाद में कार्यवाही को रद्द करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। बता दें, यह शिकायत स्थानीय भाजपा सदस्य महेश श्रीश्रीमाल ने गिरगांव अदालत में दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस नेता ने 20 अगस्त, 2018 को राजस्थान के जयपुर में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसका राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारण हुआ था।
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श्रीश्रीमाल ने बताया कि कांग्रेस नेता ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए कहा था 'मैं देश का प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहता, मैं देश का रखवाला बनना चाहता हूं। और आज देश में एक नई आवाज उठ रही है। सड़कों पर शोर है, भारत का रखवाला चोर है।' बाद में उन्होंने हाई कोर्ट में राहुल गांधी की याचिका का विरोध किया। अपनी याचिका में, भाजपा कार्यकर्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी की टिप्पणियां न केवल प्रधानमंत्री के लिए मानहानिकारक थीं, बल्कि उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाई।
मालूम हो कि इससे पहले नवंबर 2021 में, उच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रेट अदालत को सुनवाई स्थगित करने का निर्देश देकर कांग्रेस नेता को अंतरिम राहत दी थी, जिससे राहुल गांधी को उनकी याचिका पर अंतिम निर्णय आने तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट मिल गई थी।