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जम्मू-कश्मीर पुलिस की लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क पर गहरी चोट,मोहम्मद कटारिया गिरफ्तार; पहलगाम हमले में निभाई थी भूमिका

जम्मू-कश्मीर पुलिस की लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क पर गहरी चोट,मोहम्मद कटारिया गिरफ्तार; पहलगाम हमले में निभाई थी भूमिका

J&K News: जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक अहम कामयाबी मिली है, जिसमें उसने अप्रैल में पहलगाम स्थित बैसरण घाटी पर हुए आतंकी हमले के संबंध में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक मददगार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद यूसुफ कटारिया लश्कर के फ्रंट ग्रुप टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यूसुफ ने आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट — जैसे हथियार, राशन और जरूरी सामान मुहैया कराया था, हालांकि वह सीधे हमले में शामिल नहीं था।

श्रीनगर और J&K पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन

कटारिया को श्रीनगर पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ब्रिनाल-लामड़ इलाके से गिरफ्तार किया गया। वह कुलगाम जिले के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में रहने वाले घुमंतु समुदाय से ताल्लुक रखता है। यही क्षेत्र लश्कर के आतंकियों द्वारा दक्षिण कश्मीर के अन्य इलाकों तक पहुंचने के लिए रूट के तौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी तक पहुंचने के लिए रिवर्स इन्वेस्टिगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई सुरागों का विश्लेषण कर उसे ट्रैक किया गया।

22अप्रैल को हुआ था खूनी हमला

22 अप्रैल 2025 को बैसरण घाटी में हुए भीषण आतंकी हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान-आधारित लश्कर-ए-तैयबा के मोर्चे TRF ने ली थी। इसके बाद भारतीय सुरक्षाबलों ने "ऑपरेशन महादेव" शुरू किया, जिसके तहत कई आतंकवादियों को ढेर किया गया। पहलगाम हमले के बाद मात्र एक सप्ताह में चार बड़े आतंक रोधी अभियान शुरू किए गए, जिनका फोकस दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिले रहे।

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