Crime News: उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के 20 हजार रुपये के इनामी अपराधी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले 12 साल से फरार चल रहा था और पुलिस से बचने के लिए देहरादून में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों के फरार अपराधियों की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई थी। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में लूट और अपहरण के मामले में वांछित देवेश मोर्या देहरादून में छिपकर रह रहा है।
कैसे गिरफ्तार हुआ आरोपी
सूचना मिलने के बाद एसटीएफ ने कैंट थाना क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी देवेश मोर्या को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी न्यू वसंत विहार इलाके में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे राजस्थान पुलिस के हवाले कर दिया गया। एसटीएफ के अनुसार यह मामला साल 2014 का है। उस समय आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर राजस्थान के बांसवाड़ा में एक व्यक्ति को फोन किया था। आरोपी ने खुद को एलआईसी एजेंट बताकर मिलने के लिए बुलाया।
रिवॉल्वर दिखाकर किया था अपहरण
वहीं, जब पीड़ित वहां पहुंचा तो आरोपी ने रिवॉल्वर दिखाकर उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद उसी की गाड़ी में लूट की वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद से राजस्थान पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। राजस्थान पुलिस ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। लंबे समय से फरार होने के कारण पुलिस को उसकी तलाश में काफी परेशानी हो रही थी। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि राज्य में छिपकर रह रहे दूसरे राज्यों के अपराधियों के खिलाफ भी लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य ऐसे अपराधियों को पकड़कर कानून के हवाले करना है। इस गिरफ्तारी को उत्तराखंड एसटीएफ की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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