Bihar Flood Alert: बिहार के पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.93 मीटर ऊपर पहुंच गया है, जिसके चलते जल संसाधन विभाग ने जिला अधिकारियों को चेतावनी जारी कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों को तेज कर दिया है। विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह 10 बजे गांधी घाट गेज स्थल पर जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 48.60 मीटर है। नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 50.52 मीटर के करीब बह रही है, और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस स्थल पर एक नया एचएफएल निर्धारित किया जा सकता है।
जल संसाधन विभाग ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को एहतियाती उपाय करने और सतर्क रहने का निर्देश दिया है, विशेष रूप से नदी के किनारे बसे दियारा क्षेत्रों में जहां बढ़ते जलस्तर से दबाव बढ़ सकता है। अधिकारियों को तटबंधों के पास रहने वाले निवासियों को सूचित करने, आवश्यक कार्रवाई शुरू करने और जिला स्तरीय बाढ़ प्रबंधन टीमों द्वारा निरंतर गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें कहा गया 'नदी के किनारे बसे तटबंधों के निवासियों को सूचित करने के बाद उचित कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। इसके अलावा, जिला स्तरीय बाढ़ प्रबंधन टीम द्वारा निरंतर गश्त सुनिश्चित की जानी चाहिए।'
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पप्पू यादव ने सरकार पर लगाए आरोप
इस बीच, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, जिन्होंने कुरसेला-भागलपुर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया, ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा राहत उपाय अपर्याप्त हैं। उन्होंने कहा 'हम कुरसेला-भागलपुर क्षेत्र के पूरे इलाके का निरीक्षण करने आए हैं। हमने पूरी रात नदी पर बिताई। सरकार सिर्फ खानापूर्ति कर रही है; यह सिर्फ एक औपचारिकता है।' उन्होंने आगे कहा 'पीने का पानी नहीं है, पशुओं के लिए चारा नहीं है, बच्चों के लिए दूध नहीं है और सांप के काटने पर जहर की दवा भी नहीं है। वे रात 11 या 12 बजे खाना बांटना शुरू करते हैं और दोपहर 1 बजे बंद कर देते हैं। कुछ ने खाया, कुछ ने नहीं; कुछ को खबर मिली, कुछ को नहीं, और पानी की आपूर्ति का भी यही हाल है।'
पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने अपने दौरे के दौरान प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और राहत सामग्री मुहैया कराई। उन्होंने कहा 'अभी हमने हर परिवार को 500 रुपये दिए हैं। हमने क्विंटल भर पोहा (चूरा) भी दिया है, साथ ही 5 किलो चावल और 5 किलो मैदे के पैकेट भी दिए हैं। जनता, जिसे हम भगवान मानते हैं, इन संसाधनों और मेरी जीवन भर की संपत्ति की हकदार है।'
CM सम्राट चौधरी ने बाढ़ की स्थिति का जायसा लिया
बता दें, इससे पहले शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य भर में बाढ़ की स्थिति, जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इसके अलावा उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया और गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे स्थित निचले दियारा क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की।
CM सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात रहने और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने और यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि किसी को भी राहत के लिए अनावश्यक रूप से इंतजार न करना पड़े। अधिकारियों को राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन वितरण जारी रखने के लिए कहा गया। राज्य सरकार ने बचाव और राहत कार्यों के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 27 राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) टीमें और 9 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) टीमें तैनात की हैं। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन को बक्सर से भागलपुर तक तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी रखने और संभावित कटाव या दरारों के प्रति सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। राज्य प्रशासन ने स्थिति और राहत कार्यों की वास्तविक समय की निगरानी के लिए बाढ़ कमांड सेंटर को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से भी जोड़ दिया है।