Search KhabarFast

Press ESC to close

Monsoon 2026: इस राज्य में मानसून की एंट्री, सरकार ने मछली पकड़ने पर लगाया बैन; जानें वजह

Monsoon 2026: इस राज्य में मानसून की एंट्री, सरकार ने मछली पकड़ने पर लगाया बैन; जानें वजह

Monsoon 2026: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की गुरुवार को केरल में एंट्री हो गई है। वर्षा मौसम शुरू होने से किसानों, बाजारों और नीति-निर्माताओं को राहत मिली है। IMD ने गुरुवार को केरल में मॉनसून के आगमन की घोषणा की। बता दें कि सामान्य तौर परमॉनसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार यह तीन दिन की देरी से पहुंचा है। उधर, मॉनसून आगमन के साथ ही केरल सरकार ने राज्य में 52 दिन के लिए मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

जानें क्यों लगी मछली पकड़ने पर रोक

केरल सरकार ने गुरुवार को राज्य के तटीय क्षेत्रों में 10 जून से 31 जुलाई तक 52 दिन के लिए मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने इस निर्णय की घोषणा की। दरअसल यह वार्षिक प्रतिबंध समुद्री संसाधनों की रक्षा करने और मछली प्रजनन के मौसम को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। इस अवधि के दौरान केरल के तटों के आसपास मछली पकड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Also read: मानसून की दस्तक शुरू...केरल पहुंचा बारिश का कारवां, जानें कब आपके शहर में होगी बारिश

मॉनसून पर क्या अपडेट?

IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में सक्रिय हो गया है। यह मंगलुरु तक पहुंच चुका है। कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी इसका असर दिखाई दे रहा है। अगले दो से तीन दिनों में मॉनसून के और उत्तर की ओर बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

इसके बाद यह कर्नाटक और गोवा तट को भी कवर करेगा। नीता गोपाल ने बताया कि 3 जून से केरल तट पर हवाओं की दिशा पश्चिमी हो गई थी। इसके बाद बारिश में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। बादलों की गतिविधियां भी बढ़ीं और लगातार बारिश का दौर जारी है।

मॉनसून का इतना महत्व क्यों?

दरअसल केरल में मॉनसून का आगमन हर साल विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यही पूरे देश में जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के वर्षा चक्र की शुरुआत का संकेत देता है। केरल पहुंचने के बाद मॉनसून आमतौर पर चरणबद्ध तरीके से उत्तर भारत की ओर बढ़ता है और जुलाई के मध्य तक देश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लेता है।

मॉनसून की प्रगति का भारत की कृषि अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है। देश की लगभग 51 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि अब भी वर्षा पर निर्भर है और कृषि उत्पादन का बड़ा हिस्सा मॉनसूनी बारिश से प्रभावित होता है।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

गर्मी में बढ़ रहा घरों में आग लगने का खतरा, लोगों की जान ले रही घर की ये चीजें

दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी के बीच घरों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। शुक्रवार सुबह नोएडा की एक हाईराइज सोसायटी में अचानक एक फ्लैट में आग लग गई।

तमिलनाडु BJP में बड़ा राजनीतिक भूचाल, नितिन नबीन ने अन्‍नामलाई का इस्‍तीफा किया मंजूर

तमिलनाडु BJP में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल के. अन्‍नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है, जिसके बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उनका इस्तीफा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्वीकार कर लिया है।

RBI MPC Meeting 2026: ब्याज दरों पर आया फैसला, आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर?

RBI MPC Meeting 2026: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI ) ने ब्याज दरों यानी रेपो रेट को लेकर बड़ा ऐलान किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने पॉलिसी रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने और न्यूट्रल रुख अपनाने का फैसला किया है।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast