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मिडिल-ईस्ट संकट का भारत पर दिख रहा असर, गैस की कमी के कारण इस शहर के 20% होटल-रेस्तरां हुए बंद

मिडिल-ईस्ट संकट का भारत पर दिख रहा असर, गैस की कमी के कारण इस शहर के 20% होटल-रेस्तरां हुए बंद

Middle East War: मुंबई में गैस सप्लाई की कमी के कारण होटल और रेस्तरां कारोबार पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। होटल संगठनों का कहना है कि अगर जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो इस हफ्ते शहर के आधे से ज्यादा होटल और रेस्तरां बंद हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी का एक कारण मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष भी है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।

60% होटल हो सकते हैं प्रभावित

मुंबई के प्रमुख होटल संगठन आहार (AHAR) यानी इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अनुसार, गैस की कमी के चलते अब तक शहर के करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्तरां बंद हो चुके हैं। संगठन का कहना है कि आने वाले दो दिनों में यह संख्या और तेजी से बढ़ सकती है। आहार के अध्यक्ष विजय शेट्टी के मुताबिक, अभी 10 से 20 प्रतिशत सदस्य गैस की कमी से जूझ रहे हैं। अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो अगले दिन तक लगभग 60 प्रतिशत होटल प्रभावित हो सकते हैं। वहीं उसके अगले दिन तक स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि लगभग सभी होटल और रेस्तरां बंद होने की नौबत आ जाए।

संगठन ने लिखा पत्र

हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि होटल बंद करने को लेकर कोई सामूहिक फैसला नहीं लिया गया है। किसी होटल या रेस्तरां को बंद करना या चालू रखना पूरी तरह से उस संस्थान के मालिक पर निर्भर करेगा। जिनके पास गैस का पर्याप्त स्टॉक है, वे कुछ समय तक अपना काम जारी रख सकते हैं। इस मुद्दे को लेकर आहार ने केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को पत्र भी लिखा है। संगठन ने पत्र में बताया है कि गैस की कमी के कारण होटल और रेस्तरां उद्योग को गंभीर संचालन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

खतरे में कर्मचारियों की नौकरी

इसके अलावा संगठन महाराष्ट्र के नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल के साथ भी लगातार संपर्क में है और उनसे जल्द समाधान निकालने की मांग की गई है। आहार का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर होटल और रेस्तरां के लिए सबसे जरूरी जरूरतों में से एक है, लेकिन फिलहाल इसे आधिकारिक चैनलों के माध्यम से प्राप्त करना भी बेहद मुश्किल हो गया है। अगर जल्द ही गैस की सप्लाई सामान्य नहीं होती, तो इसका असर न सिर्फ होटल कारोबार पर बल्कि हजारों कर्मचारियों की नौकरियों और मुंबई की फूड इंडस्ट्री पर भी पड़ सकता है। 

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