Sanjay Gupta Last Post: हिंदी सिनेमा जगत से प्रसिद्द निर्देशक जिन्होंने 'शूटआउट एट लोखंडवाला' और 'जिंदा' जैसी फ़िल्में हिंदी सिनेमा को दी। आज वो बस यादों में रह गए हैं। बता दें की निर्देशक संजय गुप्ता का शनिवार को 59 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से सिनेमा जगत में शोक का माहौल हैं। फिल्म अभिनेता से लेकर और भी कई कलाकार उनको याद कर रहे हैं। संजय गुप्ता ने मृत्यु से 10 दिन पहले अपने बेटी के साथ एक पोस्ट की थी।
आखिरी पोस्ट में बेटी के साथ लेगो बनाते दिखे थे संजय गुप्ता
निर्देशक संजय गुप्ता अपनी बेटी डलिया से बहुत प्यार करते थे। जो की उनके पोस्ट से भी साफ़ पता लग रहा हैं। पोस्ट किए गए वीडियो में संजय और उनकी बेटी डलिया लेगो सेट बनाते हुए दिखाई दे रही है। तस्वीर में दिख रहा था कि दोनों ने मिलकर एक बहुत बड़ा लेगो बिल्डिंग सेट तैयार किया है। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'मेरी डाइनिंग टेबल पर अब तक का सबसे बड़ा लेगो सेट बन रहा है। कमाल है!!!' बता दें कि संजय गुप्ता के परिवार में उनकी पत्नी अनुराधा गुप्ता और दो बच्चे - शिवांश गुप्ता और डलिया गुप्ता हैं। संजय को ये पोस्ट करते हुए क्या पता होगा की ये पोस्ट उनकी आखिरी पोस्ट होगी। महज 10 दिन ही हुए हैं और आज संजय इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।
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संजय गुप्ता का करियर
1967 में मुंबई में जन्मे संजय गुप्ता ने 1994 में फिल्म 'आतिश: फील द फायर' से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। इस फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिका में थे। उन्होंने अपराध, गैंगस्टरों और मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्में बनाकर अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी यादगार फिल्मों में 'राम शास्त्र', 'खौफ', 'जंग', 'कांटे', 'मुसाफिर', 'जिंदा', 'शूटआउट एट लोखंडवाला', 'शूटआउट एट वडाला', 'जज्बा', 'काबिल' और 'मुंबई सागा' शामिल हैं। उन्होंने 'दस कहानियां' और 'शूटआउट एट लोखंडवाला' जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस भी किया। वे हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित डायरेक्टर में से एक माने जाते थे।