CTET, STET New Rule: देश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शिक्षक भर्ती और CTET-STET के नियमों में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए दो हाई लेवल एक्सपर्ट कमेटियों का गठन किया गया है।इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा 4 साल के इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) करने वाले छात्रों को होगा। अब उन्हें भी सरकारी शिक्षक भर्ती में बैठने का मौका मिल सकेगा।
क्यों बदले जा रहे हैं नियम?
दरअसल NCTE ने साल 2023-24 में 12वीं के बाद सीधे 4 साल का ITEP कोर्स शुरू किया था। इस कोर्स का पहला बैच 2027 में पास होकर निकलेगा। ये कोर्स नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के 5+3+3+4 पैटर्न के हिसाब से बनाया गया है।अभी क्लास 1 से 8 तक की शिक्षक भर्ती में D.El.Ed, B.El.Ed और B.Ed को ही मान्यता है, लेकिन नए ITEP कोर्स का नाम नियमों में नहीं है। जबकि NEP 2020 का लक्ष्य है कि 2030 तक 4 साल की इंटीग्रेटेड टीचिंग डिग्री को ही शिक्षक भर्ती की न्यूनतम योग्यता बनाया जाए। इसी को देखते हुए नियमों में बदलाव जरूरी हो गया है।
दो कमेटियां क्या काम करेंगी?
1. प्रो. निर्मलजीत सिंह कलसी कमेटी, 8 अक्टूबर को बनी इस 12 सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष पूर्व IAS प्रो. निर्मलजीत सिंह कलसी हैं। ये कमेटी 2014 के शिक्षक भर्ती के न्यूनतम योग्यता नियमों की समीक्षा करेगी और उसमें ITEP को जोड़ने का ड्राफ्ट प्रस्ताव 30 दिनों में सौंपेगी।
2. प्रो. चांद किरण सलूजा कमेटी: 12 अक्टूबर को बनी इस 10 सदस्यीय कमेटी का नेतृत्व दिल्ली यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर चांद किरण सलूजा कर रहे हैं। ये कमेटी CTET और STET के नियमों की समीक्षा करेगी ताकि ITEP ग्रेजुएट भी इन पात्रता परीक्षाओं में बैठ सकें। इन्हें 31 अक्टूबर तक रिपोर्ट देनी है।दोनों कमेटियों में शिक्षा मंत्रालय, CBSE, KVS, NVS, NCERT और DU के एक्सपर्ट शामिल हैं।
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B.Ed से कैसे अलग है ITEP?
पहले छात्रों को 3 साल ग्रेजुएशन + 2 साल B.Ed यानी कुल 5 साल लगते थे। वहीं ITEP में 12वीं के बाद सीधे 4 साल में ही टीचिंग डिग्री पूरी हो जाती है। इससे छात्रों का 1 साल बचता है। फिलहाल देश के 409 कॉलेजों में ITEP की 38,850 सीटें उपलब्ध हैं।