Toll Tax News: देश में हाईवे टोल टैक्स से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव हो सकता है। सड़क परिवहन मंत्रालय को एक हाई-लेवल कमेटी ने सुझाव दिया है कि टोल फ्री (छूट प्राप्त) गाड़ियों की सूची को या तो पूरी तरह खत्म कर दिया जाए या फिर उसे बहुत सीमित किया जाए। इस प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य वीआईपी कल्चर को खत्म करना है। माना जा रहा है कि आम जनता लंबे समय से इस बात से असंतुष्ट रही है कि कई सरकारी अधिकारी और वीआईपी श्रेणी के लोग टोल टैक्स दिए बिना राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल करते हैं। सरकार चाहती है कि सिस्टम में समानता लाई जाए और सभी को नियमों के तहत लाया जाए।
अधिकारियों को भी टोल टैक्स देना होगा
इस बदलाव के तहत सबसे बड़ा असर केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब इन अधिकारियों को भी टोल टैक्स देना होगा। इसके बदले उन्हें फास्टैग एनुअल पास लेने की सलाह दी जा रही है। मंत्रालय ने सभी विभागों और राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि कर्मचारियों को टोल छूट मांगने के बजाय यह पास खरीदने के लिए कहा जाए।
फास्टैग एनुअल पास की कीमत
फास्टैग एनुअल पास की कीमत लगभग 3,075 रुपये है और यह एक साल तक मान्य रहता है। इस पास की मदद से कोई भी वाहन साल में 200 बार तक टोल प्लाजा पार कर सकता है। जरूरत पड़ने पर इसे रिन्यू भी किया जा सकता है। सरकार का सुझाव है कि कर्मचारी इस पास का खर्च अपने विभाग से रीइंबर्समेंट के जरिए वापस ले सकते हैं, जैसे मोबाइल बिल का भुगतान किया जाता है।
इन गाड़ियों के लिए विशेष एक्सेम्प्टेड फास्टैग
मौजूदा नियमों के तहत अभी देश में कुछ खास श्रेणियों की गाड़ियों को टोल टैक्स से छूट दी जाती है। इनमें संवैधानिक पदों पर बैठे लोग, सेना और अर्धसैनिक बलों के वाहन, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और कुछ सरकारी जांच से जुड़े वाहन शामिल हैं। इन गाड़ियों के लिए विशेष “एक्सेम्प्टेड फास्टैग” का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा रक्षा बलों के साथ भी इस नए नियम को लेकर बातचीत चल रही है। सरकार का कहना है कि केवल जरूरी और आपातकालीन सेवाओं को ही छूट दी जाएगी, बाकी श्रेणियों में कटौती की संभावना है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो देश के टोल सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और सभी उपयोगकर्ताओं के लिए नियम और अधिक समान हो जाएंगे।
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