
Guillain Barre Syndrome News: महाराष्ट्र में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) नामक दुर्लभ बीमारी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीमारी से संक्रमित लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। साथ ही, इस बीमारी से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बढ़ चुका है। हाल ही में, मुंबई के नायर अस्पताल में इस बीमारी के कारण एक मरीज की मौत हो गई। यह मुंबई शहर में इस बीमारी से होने वाली पहली मौत थी। इस घटना के बाद, अब तक कुल 8मौतें हो चुकी हैं।
मुंबई में पहली मौत
53वर्षीय मरीज, जो मुंबई के वडाला इलाके के निवासी थे, बीएमसी के बीएन देसाई अस्पताल में वार्ड बॉय के रूप में काम करते थे। वह कुछ दिन से बीमार थे, और उनका इलाज काफी समय से चल रहा था। नायर अस्पताल के डीन, डॉक्टर शैलेश मोहिते के अनुसार, मरीज की हालत बिगड़ी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। वहीं, उनकी मौत हो गई।
नायर अस्पताल में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से संक्रमित एक और मरीज भर्ती है। यह लड़की पालघर जिले की रहने वाली है और 10वीं कक्षा की छात्रा है।
पुणे में एक और मौत
पुणे में भी गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से एक और व्यक्ति की मौत हुई है। 37वर्षीय युवक को पहले पैरों में कमजोरी की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उसे पुणे के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। फिर, उसके रिश्तेदारों ने उसे कर्नाटका के निपानी शिफ्ट किया, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। अंत में, उसे पुणे के कमला नेहरू अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन 9फरवरी को उसे हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई।
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम क्या है?
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो स्वाइन फ्लू के समान लक्षण उत्पन्न करती है। इसके लक्षणों में सर्दी, जुकाम और तेज बुखार शामिल हैं। यह बीमारी तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है, जिसके कारण मांसपेशियों में कमजोरी और पैरालिसिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने इस बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है। साथ ही, रोगियों को जल्दी इलाज कराने की सलाह दी है।
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