World Cancer Day: चुपचाप शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं ये खतरनाक कैंसर, समय रहते पहचान कर सही डाइट करें फॉलो

World Cancer Day: चुपचाप शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं ये खतरनाक कैंसर, समय रहते पहचान कर सही डाइट करें फॉलो

Silent Cancer Symptoms: आज 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जा रहा है, जो कैंसर के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इस बीमारी से लड़ने का वैश्विक अभियान है। भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां हर साल लाखों लोग इसकी चपेट में आते हैं। यहां कई कैंसर ऐसे हैं जो 'साइलेंट किलर' कहलाते हैं, क्योंकि ये शुरुआती दौर में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाते और चुपके से धीरे-धीरे शरीर में फैल जाते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कैंसर महिलाओं और पुरुषों दोनों को प्रभावित करते हैं, लेकिन जीवनशैली, प्रदूषण, मोटापा और तंबाकू जैसी आदतों के कारण भारत में इनकी संख्या बढ़ रही है। अगर समय पर इनके शुरुआती संकेतों को पहचाना जाए, तो इलाज आसान हो सकता है। तो चलिए साइलेंट कैंसर, उसके शुरुआती लक्षण, जोखिम और बचाव के उपाय जानते है। 
 
1. ओवेरियन कैंसर - यह महिलाओं में सबसे खतरनाक साइलेंट कैंसरों में से एक है। क्योंकि शुरुआती लक्षण अस्पष्ट होते हैं और अक्सर पेट की सामान्य समस्याओं से भ्रमित हो जाते हैं। भारत में मोटापा, आनुवंशिक कारक और हार्मोनल बदलाव के कारण इसके मामले बढ़ रहे हैं। शुरुआती लक्षणों की बात करें तो पेट में लगातार सूजन या दर्द, जल्दी पेट भर जाना, बार-बार पेशाब आना, पीठ दर्द, थकान या वजन घटना। 
 
2. पैंक्रियाटिक कैंसर - यह कैंसर अग्न्याशय (पैंक्रियास) में शुरू होता है और शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखाता, लेकिन भारत में डायबिटीज, मोटापा और धूम्रपान के कारण इसके मामले बढ़ रहे हैं। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करता है और अक्सर देर से पता चलता है। शुरुआती लक्षणों में पेट या पीठ में दर्द, अचानक वजन कम होना, भूख न लगना, पीलिया, थकान या नई डायबिटीज शामिल है। 
 
3. कोलोरेक्टल कैंसर - भारत में आंत का कैंसर युवाओं में भी बढ़ रहा है, मुख्य रूप से अस्वास्थ्यकर आहार और खराब जीवनशैली के कारण। यह साइलेंट होता है क्योंकि शुरुआती लक्षण पाइल्स या पेट की समस्या से मिलते-जुलते हैं। इसके अलावा मल में बदलाव (दस्त या कब्ज), मल में खून, अनजाने में वजन घटना, पेट दर्द या एनीमिया। 
 
4. लंग कैंसर - यह भारत में सबसे कॉमन कैंसरों में से एक है, फेफड़ों का कैंसर, जो धूम्रपान और प्रदूषण के कारण साइलेंट तरीके से फैलता है। गैर-धूम्रपान करने वालों में भी सेकंड-हैंड स्मोक या इंडोर प्रदूषण से खतरा रहता है। शुरुआती लक्षणों में लगातार खांसी, सांस फूलना, सीने में दर्द, खून वाली खांसी या थकान जैसी समस्या हो सकती है। ये सर्दी-जुकाम समझकर अनदेखा हो जाते हैं।
 
5. लिवर कैंसर - भारत में हेपेटाइटिस संक्रमण और शराब के कारण यह साइलेंट कैंसर तेजी से फैल रहा है। शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन पेट दर्द, पीलिया, भूख न लगना, वजन घटना या थकान जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। 
 
6. ब्रेस्ट कैंसर - महिलाओं में सबसे आम कैंसर है और भारत में यह महिलाओं के बीच कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण बन चुका है। आजकल जीवनशैली में बदलाव, मोटापा, देर से शादी-बच्चे पैदा करना और जागरूकता की कमी के कारण इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शुरुआती लक्षणों में स्तन के आकार या त्वचा में बदलाव, निप्पल में बदलाव या असामान्य डिस्चार्ज, स्तन या निप्पल में दर्द, सूजन जैसी समस्या शामिल है। 
 
बचाव के लिए डाइट में ये चीजें शामिल करें
 
कैंसर से बचाव में स्वस्थ आहार अहम भूमिका निभाता है। पौष्टिक भोजन कैंसर के जोखिम को 30-50% तक कम कर सकता है।  
 
1. फल और सब्जियां: टमाटर, गाजर, ब्रोकली, पालक और बेरीज (जैसे स्ट्रॉबेरी या ब्लूबेरी) – ये एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं, जो सेल डैमेज रोकते हैं।
 
2. मसाले: हल्दी (करक्यूमिन से भरपूर), लहसुन, अदरक और दालचीनी – ये एंटी-इंफ्लेमेटरी हैं और कैंसर सेल्स के विकास को रोक सकते हैं।
 
3. साबुत अनाज और फाइबर: ओट्स, ब्राउन राइस, दालें और बीन्स – पाचन सुधारते हैं और कोलोरेक्टल कैंसर से बचाते हैं। 
 
4. नट्स और सीड्स: बादाम, अखरोट, फ्लैक्ससीड और कद्दू के बीज – ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रदान करते हैं। 
 
5. ग्रीन टी: एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, जो लंग और ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करती है।

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