India-New Zealand FTA: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। यह समझौता सोमवार को दिल्ली में किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को तेजी से बढ़ाना है। आने वाले वर्षों में व्यापार को दोगुना करने और करीब 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह डील भारत मंडपम में साइन होगी, जहां केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले मौजूद रहेंगे।
न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी-फ्री
इस समझौते से भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी। इसके साथ ही अगले 15 सालों में करीब 20 अरब डॉलर के निवेश की संभावना जताई जा रही है। इससे भारत में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। एफटीए के तहत भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी वीजा सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, जिससे उन्हें विदेश में काम करने के ज्यादा मौके मिलेंगे। इसके अलावा भारतीय दवाइयों और मेडिकल उपकरणों के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत-न्यूजीलैंड के बीच टैरिफ कम
दूसरी ओर, भारत न्यूजीलैंड के करीब 95 प्रतिशत उत्पादों पर टैरिफ कम या खत्म करेगा। इनमें ऊन, कोयला, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे उत्पाद शामिल हैं। हालांकि, भारत ने अपने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए डेयरी, खाद्य तेल और कुछ कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक तनाव के कारण भारतीय निर्यातकों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह एफटीए उन्हें नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद करेगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय उद्योगों, खासकर चमड़ा निर्यातकों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा। इसके जरिए भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, निवेश और सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
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