Haryana News:हरियाणा के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली से अंबाला तक जाने वाले रेलवे मार्ग को फोरलेन बनाने की योजना तैयार की जा रही है। करीब 197 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग पर मौजूदा दोहरी रेल लाइन के साथ दो अतिरिक्त लाइनें बिछाई जाएंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर रेलवे विभाग करीब 5,983 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिले के गांवों की जमीन का चयन किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाली ट्रेनों के संचालन को गति मिलने की उम्मीद है।
उत्तर रेलवे ने फोरलेन परियोजना के लिए सबसे पहले सोनीपत जिले की जमीन का रिकॉर्ड मांगा है। इसके लिए जिला प्रशासन को डीपीआर के अनुसार जमीन अधिग्रहण से संबंधित प्रस्ताव भेजा गया है। सोनीपत जिले में राई तहसील के 5, सोनीपत तहसील के 10 और गन्नौर तहसील के 6 गांवों की जमीन चिन्हित की गई है। प्रस्ताव के अनुसार राई में 2.1604 हेक्टेयर, सोनीपत में 7.4381 हेक्टेयर और गन्नौर में 5.9293 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की योजना है। किसानों को एनसीआर के मानकों और रेलवे की अधिग्रहण नीति के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
पानीपत और करनाल के इन गांवों से गुजरेगी रेल लाइन
पानीपत जिले में समालखा तहसील के झटीपुर समेत सात गांवों की जमीन इस परियोजना के दायरे में आएगी। वहीं पानीपत तहसील के दिवाना, सिवाह, पानीपत, काबड़ी, निजामपुर, कचरौली और बाबरपुर सहित अन्य क्षेत्रों से रेल लाइन गुजरेगी। करनाल जिले में घरौंडा, करनाल और नीलोखेड़ी तहसीलों के कई गांवों की जमीन चिन्हित की गई है। इनमें कोहंड, घरौंडा ग्रामीण, बसताड़ा, झिवर हेड़ी, भूसली, उचाना, शामगढ़ और नीलोखेड़ी सहित अन्य गांव शामिल हैं। हालांकि इन जिलों में अधिग्रहण का प्रस्ताव अभी प्रशासन को नहीं भेजा गया है।
कुरुक्षेत्र और अंबाला में भी जमीन होगी चिन्हित
कुरुक्षेत्र जिले में थानेसर और शाहाबाद तहसीलों के गांवों से होकर नई रेल लाइन निकलेगी। इनमें अमीन, सुंदरपुर, थानेसर, सराय सुखी, अटवान, चरुनी जटां और मोहरी सहित कई गांव शामिल हैं। वहीं अंबाला जिले में मोहरा, शाहपुर, नन्हेड़ा और अंबाला कैंट क्षेत्र की जमीन चिन्हित की गई है। रेलवे की योजना के तहत सब्जी मंडी से अंबाला कैंट के बीच दो अतिरिक्त रेल लाइनें बिछाने के लिए 3,612 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की गई है। उत्तर रेलवे ने इस काम को चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। परियोजना में जमीन अधिग्रहण के साथ ओवरब्रिज और अंडरपास भी बनाए जाएंगे।
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