Haryana News: हरियाणा सरकार ने पटवारियों की नियुक्ति, ट्रेनिंग और वेतन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने ‘हरियाणा राजस्व पटवारी (ग्रुप ग) सेवा नियम, 2011’ में संशोधन करते हुए 1 सितंबर 2026 को गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। नए नियम 1 जनवरी 2025 से प्रभावी माने जाएंगे। नए नियमों के तहत नए चयनित या अस्थायी रूप से नियुक्त पटवारियों को प्रशिक्षण के दौरान FPL-2 के तहत 19,900 रुपये प्रति माह का शुरुआती वेतन मिलेगा। यानी ट्रेनिंग के समय पटवारियों को तय वेतन दिया जाएगा। हालांकि, इस अवधि में उन्हें किसी तरह की वेतनवृद्धि यानी इन्क्रीमेंट नहीं मिलेगा।
ट्रेनिंग पूरी होने पर बढ़ेगा वेतन
पटवारी का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद उसे FPL-5K वेतनमान दिया जाएगा। इस वेतनमान में शुरुआती वेतन 32,100 रुपये प्रति माह होगा। हालांकि, इसके लिए उम्मीदवार को निर्धारित प्रशिक्षण और परीक्षा की शर्तें पूरी करनी होंगी।
एक साल की ट्रेनिंग जरूरी
नए नियमों में नवनियुक्त पटवारियों के लिए कुल एक साल की अनिवार्य ट्रेनिंग तय की गई है। इस प्रशिक्षण को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले छह महीने पटवार स्कूल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद छह महीने की फील्ड ट्रेनिंग होगी। इस दौरान उम्मीदवारों को राजस्व विभाग से जुड़े काम का व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा।
परीक्षा पास करना भी जरूरी
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को निर्धारित परीक्षा पास करनी होगी। विभागीय परीक्षा में सफल होना पटवारी के लिए जरूरी होगा। जब तक उम्मीदवार निर्धारित विभागीय परीक्षाएं पास नहीं कर लेता, तब तक उसे वेतनवृद्धि नहीं मिलेगी।
नियम 11 हटाया गया
सरकार ने पुराने सेवा नियमों में मौजूद नियम 11 को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही पटवारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई, सजा और अपील से जुड़े मामलों में अब संशोधित हरियाणा सिविल सेवा (दंड तथा अपील) नियम, 2016 लागू होंगे।
2025 से माना जाएगा प्रभावी
सरकार की ओर से जारी गजट अधिसूचना के अनुसार यह संशोधन 1 जनवरी 2025 से प्रभावी माना जाएगा। नए नियमों से पटवारियों की ट्रेनिंग, वेतन और विभागीय परीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट किया गया है।