Jabalpur Nagpur Expressway: मध्य प्रदेश के जबलपुर और आसपास के लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी राहत की खबर है। प्रस्तावित जबलपुर-नागपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बनने से महाराष्ट्र और गोवा तक पहुंचना पहले के मुकाबले काफी आसान और तेज हो सकता है। इस एक्सप्रेसवे को आगे शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इससे जबलपुर से गोवा का सफर करीब 11 से 12 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।
अभी 22-24 घंटे लगता है समय
फिलहाल जबलपुर से गोवा की राजधानी पणजी पहुंचने में करीब 22 से 24 घंटे लग जाते हैं। रास्ते में ट्रैफिक, संकरी सड़कें और पहाड़ी हिस्सों के कारण सफर और लंबा हो जाता है। नए एक्सप्रेसवे नेटवर्क के तैयार होने के बाद यात्रा का समय लगभग आधा होने की संभावना है।
मुंबई और पुणे जाना भी होगा आसान
प्रस्तावित सड़क नेटवर्क से जबलपुर की कनेक्टिविटी मुंबई और पुणे से भी मजबूत होगी। अभी जबलपुर से मुंबई या पुणे पहुंचने में करीब 16 से 18 घंटे लगते हैं। नया कॉरिडोर बनने के बाद जबलपुर से मुंबई की यात्रा लगभग 10 से 11 घंटे में पूरी हो सकती है। वहीं जबलपुर से नागपुर का सफर करीब तीन घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।
कई जिलों को मिलेगा फायदा
प्रस्तावित मार्ग से जबलपुर के साथ सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा और नागपुर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। आगे इसे दूसरे एक्सप्रेसवे से जोड़ने पर पुणे, मुंबई और गोवा तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा।
250-280 किलोमीटर लंबा हो सकता है एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की लंबाई करीब 250 से 280 किलोमीटर रहने की संभावना है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किसी मौजूदा सड़क को चौड़ा करने के बजाय नए मार्ग पर किया जाता है। ऐसे में भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचते हुए तेज यातायात के लिए बेहतर रास्ता तैयार किया जा सकेगा।
नर्मदा पर बनेगा 750 मीटर का पुल
इस परियोजना में नर्मदा नदी पर करीब 750 मीटर लंबे पुल का प्रस्ताव भी शामिल है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और मध्य प्रदेश सरकार इस कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार कर रहे हैं। वन्यजीवों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों को देखते हुए वन विभाग के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।
महाकौशल में बढ़ेगी आर्थिक गतिविधि
एक्सप्रेसवे बनने से सिर्फ यात्रा का समय ही कम नहीं होगा, बल्कि जबलपुर और पूरे महाकौशल क्षेत्र में कारोबार, पर्यटन, उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से महाराष्ट्र और गोवा के बाजारों तक पहुंच आसान होगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है।
Also read: Diesel Vehicle: पुरानी डीजल गाड़ियों को मिलेगी नई वाली रफ्तार, 5 हजार की ये डिवाइस दिखाएगी कमाल